गर्मी बढ़ते ही घरों और दफ्तरों में एयर कंडीशनर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है. लेकिन कई बार छोटी-सी तकनीकी खराबी को नजरअंदाज करना बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है. ऐसे में एसी से मिलने वाले शुरुआती संकेतों को समझना बेहद जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार, एसी अचानक ब्लास्ट नहीं होता. खराबी आने पर वह पहले ही कई चेतावनी संकेत देता है. यदि समय रहते इन संकेतों पर ध्यान देकर जांच और मरम्मत करा ली जाए, तो आग या विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है.
अगर एसी चलाते समय प्लास्टिक, रबर या बिजली के तार जलने जैसी बदबू आए या धुआं दिखाई दे, तो इसे सामान्य बात न समझें. यह वायरिंग के अधिक गर्म होने या शॉर्ट सर्किट का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत एसी का मेन स्विच बंद कर दें और दोबारा चालू करने से पहले तकनीकी जांच जरूर कराएं.
यदि एसी से अचानक तेज खड़खड़ाहट, धातु के टकराने जैसी आवाज या असामान्य कंपन महसूस हो, तो यह फैन मोटर, कंप्रेसर या किसी अंदरूनी हिस्से में खराबी का संकेत हो सकता है. ऐसी समस्या को अनदेखा करने से मशीन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और बड़ी तकनीकी खराबी की आशंका बढ़ सकती है.
अगर एसी पहले की तरह ठंडक नहीं दे रहा है या कंप्रेसर बार-बार ऑन-ऑफ हो रहा है, तो इसके पीछे गैस लीकेज, ओवरलोड या अन्य तकनीकी खराबी हो सकती है. लगातार ट्रिप होना सिस्टम पर दबाव बढ़ने का संकेत माना जाता है. ऐसी स्थिति में बिना देरी किए विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है.
एसी में किसी भी तरह की खराबी दिखने पर सबसे पहले बिजली की सप्लाई बंद करें. नियमित अंतराल पर सर्विसिंग कराएं और बिजली के वोल्टेज में उतार-चढ़ाव होने पर वोल्टेज स्टेबलाइजर का इस्तेमाल करें. साथ ही एसी को खुद खोलकर ठीक करने की कोशिश न करें, बल्कि प्रशिक्षित तकनीशियन की मदद लें.
विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर एसी की सफाई, सर्विसिंग और वायरिंग की जांच कराने से अधिकांश तकनीकी समस्याओं का पता पहले ही चल जाता है. इससे न सिर्फ एसी की कार्यक्षमता बेहतर रहती है, बल्कि आग लगने या ब्लास्ट जैसी गंभीर घटनाओं का खतरा भी काफी कम हो जाता है.