अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए बातचीत की जा रही है. दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने अब तक दो दौर में हिस्सा लिया, हालांकि अभी तक इन बैठकों के कुछ खास परिणाम नजर नहीं आ रहे हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव बढ़ता ही जा रहा है.
ईरान की संयुक्त सैन्य कमान की ओर से गुरुवार को चेतावनी जारी की गई है. जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि यहां से गुजरने वाले सभी जहाजों को उनसे मंजूरी लेनी होगी, ऐसा नहीं करने पर बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. ईरान की इस चेतावनी के साथ एक बार फिर से होर्मुज में तनाव बढ़ गया है.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में अब होर्मुज सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है. ईरान अब इस पर पूरी तरह से कब्जा करने की कोशिश में है. युद्ध शुरू होने से पहले तक यहां से गुजरने के लिए किसी भी जहाज को ईरान से मंजूरी नहीं लेनी पड़ती थी, न ही कोई टोल और टैक्स लगता था. लेकिन अब ईरान को यह साफ समझ आ गया है कि पूरे विश्व में ऊर्जा सप्लाई के लिए यह चेन काफी महत्वपूर्ण है. होर्मुज के सहारे ही वह अपने संदेश को दुनिया के सामने रख सकता है. हालांकि ईरान और अमेरिका के बीच अभी बातचीत जारी है. दोनों देशों की दूसरी बैठक बुधवार को कतर में हुई, जिसके बाद ईरानी सरकारी टीवी के माध्यम से यह संदेश दिया गया.
ईरान और अमेरिका के बीच शांति को लेकर चल रही बातचीत अभी किस स्तर पर है, इसका साफ पता नहीं चल पा रहा है. हालांकि कई जानकारों का कहना है कि दोहा बैठक में बातचीत नहीं बनने के बाद नाराजगी में ईरान ने नई चेतावनी दी है. इस समय ईरान अपने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी में है. फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद ही खामेनेई का निधन हो गया था. लेकिन उनका अंतिम संस्कार अब किया जा रहा है.
खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में विश्व के कई बड़े नेताओं को आमंत्रित किया गया है. वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के साथ 60 दिनों के लिए बातचीत का दौर जारी है. जिसके बाद ही दोनों देशों की स्थिति का पता लगेगा. होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बीच बात फंस सकती है क्योंकि ईरान इस मार्ग पर टोल लगाना चाहता है, वहीं अमेरिका इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है.