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'बम-बम भोले' के जयकारों के बीच शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, पंजीकरण कैसे करें; कौन सा मार्ग चुनें और क्या साथ ले जाएं पूरी डिटेल

अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू हो गई है. जानिए पंजीकरण प्रक्रिया, पहलगाम और बालटाल मार्ग, यात्रा की सुविधाएं, ट्रैफिक एडवाइजरी और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश.

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Edited By: Reepu Kumari
'बम-बम भोले' के जयकारों के बीच शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, पंजीकरण कैसे करें; कौन सा मार्ग चुनें और क्या साथ ले जाएं पूरी डिटेल
Courtesy: ANI

अमरनाथ यात्रा 2026 का आधिकारिक आगाज गुरुवार को जम्मू से पहले जत्थे की रवानगी के साथ हो गया. श्रद्धालुओं के बीच बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया. प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं. 3 जुलाई से श्रद्धालु पहलगाम और बालटाल बेस कैंप से बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के लिए रवाना होंगे. यह यात्रा 28 अगस्त तक कुल 57 दिनों तक चलेगी. यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण, यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी सुविधाओं को लेकर विस्तृत तैयारियां की गई हैं.

दो रास्ते, लेकिन दोनों का अनुभव अलग-अलग

अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं के पास दो मार्ग उपलब्ध हैं. पहला पारंपरिक पहलगाम मार्ग है, जिसकी कुल पैदल दूरी लगभग 32 किलोमीटर है. यह रास्ता चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुजरता है. दूसरा बालटाल मार्ग है, जिसकी दूरी करीब 14 किलोमीटर है. यह छोटा जरूर है, लेकिन खड़ी चढ़ाई होने के कारण इसे अधिक चुनौतीपूर्ण माना जाता है.

यात्रियों के लिए हर जरूरी सुविधा का इंतजाम

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. प्रमुख पड़ावों पर किराये के टेंट में ठहरने की व्यवस्था है. विभिन्न सामाजिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन दोनों मार्गों पर मुफ्त लंगर, पेयजल और हल्के नाश्ते की सुविधा देंगे. स्वास्थ्य विभाग, सेना, केंद्रीय सुरक्षा बल और अन्य संस्थाएं मेडिकल सेंटर, ऑक्सीजन बूथ, एंबुलेंस और आपात चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएंगी. सामान रखने के लिए क्लॉक रूम भी बनाए गए हैं.

पंजीकरण के लिए ये नियम जानना जरूरी

श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पंजीकरण करा सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है. एक मोबाइल नंबर से अधिकतम चार श्रद्धालुओं का पंजीकरण संभव है. आवेदन जमा होने के बाद उसमें बदलाव नहीं किया जा सकेगा. पंजीकरण के लिए अधिकृत डॉक्टर या अस्पताल द्वारा जारी अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जरूरी होगा. ऑफलाइन पंजीकरण जम्मू के निर्धारित केंद्रों और देशभर में अधिकृत बैंक शाखाओं पर भी उपलब्ध रहेगा.

हेलीकॉप्टर सेवा नहीं, पैदल या अन्य साधनों से होगी यात्रा

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी. प्रशासन ने 1 जुलाई से यात्रा समाप्त होने तक पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों को 'नो-फ्लाइंग जोन' घोषित किया है. जिन श्रद्धालुओं को पैदल चलने में कठिनाई होती है, उनके लिए तय स्थानों पर पोनी, खच्चर और पालकी की सुविधा उपलब्ध रहेगी. यात्रा क्षेत्र में बीएसएनएल, जियो और एयरटेल की नेटवर्क सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी.

यात्रा के दौरान ट्रैफिक नियमों का रखना होगा ध्यान

यात्रा के सुरक्षित संचालन के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. श्रद्धालुओं और आम यात्रियों से निर्धारित समय का पालन करने की अपील की गई है. यात्रा के दौरान नवयुग सुरंग पर कुछ समय के लिए सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी. कश्मीर से जम्मू जाने वाले वाहन सुबह 11:30 बजे से पहले सुरंग पार नहीं कर सकेंगे, जबकि जम्मू से कश्मीर की ओर जाने वाले वाहन दोपहर 3 बजे के बाद सुरंग में प्रवेश नहीं कर पाएंगे. घाटी के कई अन्य प्रमुख मार्गों पर भी निर्धारित समय लागू रहेगा.