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8th Pay Commission: 3 नहीं अब 5 लोगों का हिसाब! बदल सकता है सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का पूरा गणित

आठवें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन की गणना में आश्रित माता-पिता को शामिल करने का प्रस्ताव रखा है. इसके तहत परिवार की गणना करीब 5 यूनिट के आधार पर करने की मांग है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
8th Pay Commission: 3 नहीं अब 5 लोगों का हिसाब! बदल सकता है सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का पूरा गणित
Courtesy: Pinterest

आठवें वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों के बीच उम्मीदें बढ़ गई हैं. कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन तय करने के पुराने फॉर्मूले में बदलाव की मांग की है. प्रस्ताव में कर्मचारी के साथ उसके आश्रित माता-पिता को भी परिवार की गणना में शामिल करने की बात कही गई है. अगर यह मांग स्वीकार होती है, तो न्यूनतम बेसिक पे मौजूदा अनुमान से काफी अधिक हो सकती है.

अब तक वेतन आयोग न्यूनतम वेतन की गणना में कर्मचारी, पति या पत्नी और दो बच्चों को ध्यान में रखता रहा है. कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि भारतीय परिवारों में बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी भी कर्मचारी पर होती है. इसलिए उन्हें भी वेतन निर्धारण की गणना में शामिल किया जाना चाहिए.

प्रस्ताव में क्या है?

नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम और भारत पेंशनर्स समाज की ओर से रखे गए प्रस्ताव में कर्मचारी को 1 यूनिट और पति या पत्नी को 1 यूनिट माना गया है. दो बच्चों के लिए 1.6 यूनिट और दो आश्रित माता-पिता के लिए भी 1.6 यूनिट का प्रावधान बताया गया है. इस तरह कुल 5.2 यूनिट बनती हैं, जिसे करीब 5 यूनिट माना जा सकता है.

₹69 हजार तक हो सकती है न्यूनतम बेसिक पे

यूनियनों के प्रस्ताव के मुताबिक 5 सदस्यों के परिवार के लिए राशन का खर्च करीब ₹24,443 माना गया है. इसके अलावा मकान का किराया, बिजली, शिक्षा, त्योहार और अन्य जरूरी खर्चों को जोड़ने के बाद न्यूनतम वेतन करीब ₹68,947 बैठता है. इसे राउंड फिगर में ₹69,000 माना गया है.

इसी आधार पर 3.833 के फिटमेंट फैक्टर की गणना सामने आती है. हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि ₹69,000 की बेसिक पे या 3.833 फिटमेंट फैक्टर अभी अंतिम फैसला नहीं है. यह कर्मचारी संगठनों की मांग और प्रस्तावित गणना पर आधारित आंकड़ा है.

₹80 हजार से ज्यादा वेतन का भी अनुमान

महंगाई और दूसरे आर्थिक मानकों को ध्यान में रखते हुए कुछ अनुमानों में न्यूनतम वेतन ₹80 हजार से अधिक पहुंचने की संभावना भी जताई जा रही है. लेकिन अंतिम राशि आठवें वेतन आयोग की सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगी.

पेंशनर्स को भी हो सकता है बड़ा फायदा

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बेसिक पे बढ़ने का असर सिर्फ मौजूदा कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा. बेसिक पे का सीधा संबंध पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे रिटायरमेंट लाभों से भी होता है. ऐसे में अगर नया फॉर्मूला स्वीकार किया जाता है, तो मौजूदा कर्मचारियों के साथ पुराने पेंशनभोगियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद होगी.

फिलहाल आठवें वेतन आयोग की बैठकों और कर्मचारी संगठनों की मांगों पर सबकी नजर है. आयोग की अंतिम सिफारिश आने के बाद ही यह साफ होगा कि सरकार न्यूनतम वेतन तय करने के लिए पुराने फॉर्मूले को जारी रखती है या 5 यूनिट वाले नए प्रस्ताव को स्वीकार करती है.