सितंबर के तीसरे सप्ताह में अलग-अलग कारणों से बैंक शाखाओं में अवकाश रहेगा. 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी, 15 सितंबर को संवत्सरी और कृषि उत्सव के चलते कुछ स्थानों पर बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद 18 सितंबर को बैंक यूनिटेरियन एनिवर्सरी डे और 20 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी.
हर राज्य और शहर में बैंक की छुट्टियां एक जैसी नहीं होती हैं. इसलिए किसी शाखा में जाने से पहले स्थानीय बैंक अवकाश की जानकारी जरूर जांच लेना बेहतर है.
अगर होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन या किसी अन्य कर्ज की EMI इन तारीखों के दौरान पड़ रही है तो खाते में पर्याप्त राशि पहले से रखना जरूरी है. ऑटो-डेबिट के जरिए EMI कटती है तो बैंक अवकाश होने के बावजूद निर्धारित प्रक्रिया के तहत भुगतान हो सकता है. वहीं, अगर EMI का भुगतान खुद करना है तो छुट्टी शुरू होने से पहले इसे निपटा देना बेहतर रहेगा. खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने पर भुगतान फेल हो सकता है और अतिरिक्त शुल्क की स्थिति बन सकती है.
बैंक अवकाश का असर चेक से जुड़े लेनदेन पर पड़ सकता है. अगर आपने किसी को चेक दिया है या आपके खाते में कोई चेक जमा होना है तो उसके क्लियर होने में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लग सकता है. अगर किसी भुगतान की अंतिम तारीख नजदीक है तो आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय पहले ही भुगतान कर दें. जरूरत पड़ने पर UPI, नेट बैंकिंग या IMPS जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
बैंक शाखाएं बंद होने के बावजूद डिजिटल बैंकिंग की कई सुविधाएं जारी रहती हैं. मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग, UPI और ATM के जरिए पैसे ट्रांसफर करने, बिल जमा करने, मोबाइल रिचार्ज या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करने जैसे काम किए जा सकते हैं. हालांकि जिन सेवाओं के लिए शाखा जाना जरूरी है या जिनका काम चेक प्रोसेसिंग पर निर्भर है, उनमें देरी हो सकती है. छुट्टियों के दौरान ज्यादा नकदी की जरूरत पड़ सकती है तो पहले से कैश की व्यवस्था कर लेना समझदारी होगी. भुगतान के लिए UPI और कार्ड जैसे विकल्प भी तैयार रखें, ताकि बैंक शाखाओं के बंद रहने से रोजमर्रा के काम प्रभावित न हों.