'AI 2029 में...', तीन साल के अंदर सच होने जा रही है रे कुर्जवील की भविष्यवाणी
कंप्यूटर वैज्ञानिक रे कुर्जवील की 1999 की भविष्यवाणी कि 2029 तक एजीआई इंसानी स्तर तक पहुंच सकती है, अब फिर चर्चा में है. कई तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग नेता मानते हैं कि एआई का विकास तेजी से उसी दिशा में बढ़ रहा है.
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक बार फिर भविष्यवाणियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है. मशहूर कंप्यूटर वैज्ञानिक रे कुर्जवील ने साल 1999 में दावा किया था कि वर्ष 2029 तक आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस यानी एजीआई इंसानी बुद्धि के बराबर पहुंच सकती है. उस समय कई विशेषज्ञों ने इस भविष्यवाणी को विज्ञान कथा जैसा बताया था, लेकिन अब 2026 में आते आते कई बड़े टेक विशेषज्ञ मानने लगे हैं कि यह समयसीमा काफी हद तक सही साबित हो सकती है.
1999 में जब इंटरनेट अभी शुरुआती दौर में था, तब कुर्जवील ने कहा था कि मशीनें भविष्य में इंसानों जैसी समझ और क्षमता हासिल कर लेंगी. उस समय स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एआई विशेषज्ञों की एक बड़ी बैठक भी हुई थी जिसमें सैकड़ों वैज्ञानिक शामिल हुए थे. उस सम्मेलन में करीब 80 प्रतिशत विशेषज्ञों का मानना था कि इंसानी स्तर की एआई बनने में कम से कम 100 साल लगेंगे.
समय के साथ कैसे आया बदलाव?
इन संशय जताने वालों में एआई के प्रमुख वैज्ञानिक जेफ्री हिंटन भी शामिल थे. लेकिन समय के साथ एआई तकनीक में तेजी से बदलाव आया है. अब कई बड़े तकनीकी नेता मानते हैं कि 2028 से 2029 के बीच एजीआई के स्तर की तकनीक देखने को मिल सकती है. सैम ऑल्टमैन और जेनसन हुआंग जैसे प्रमुख उद्योग नेता भी इसी समयसीमा के आसपास एआई के बड़े बदलाव की संभावना जता चुके हैं.
कुर्जवील की भविष्यवाणी का आधार तकनीक के तेज विकास की दर है. उन्होंने अपने मॉडल में प्रति डॉलर कंप्यूटेशन क्षमता के तेजी से बढ़ने वाले आंकड़ों को आधार बनाया था. उनके अनुसार 1939 से लेकर अब तक कंप्यूटिंग क्षमता में लगभग 75 क्वाड्रिलियन गुना वृद्धि हुई है. इसी तेजी को देखते हुए उन्होंने अनुमान लगाया कि मशीनों की बुद्धि इंसानों के बराबर पहुंच सकती है.
कुर्जवील ने क्या किया दावा?
कुर्जवील का दावा है कि उनकी 147 भविष्यवाणियों में से करीब 86 प्रतिशत सही साबित हुई हैं. उदाहरण के तौर पर उन्होंने 1990 में कहा था कि साल 2000 तक कंप्यूटर विश्व शतरंज चैंपियन को हरा देगा. यह भविष्यवाणी तब सही साबित हुई जब डीप ब्लू ने 1997 में विश्व चैंपियन गैरी कास्परोव को हरा दिया था.
अपने नए विचारों में कुर्जवील ने वर्ष 2045 तक सिंगुलैरिटी का दौर आने की बात कही है. उन्होंने अपनी किताब The Singularity Is Nearer में लिखा है कि उस समय इंसानी बुद्धि लाखों गुना बढ़ सकती है. उनका मानना है कि भविष्य में मशीन इंटेलिजेंस और मानव मस्तिष्क का सीधा संपर्क हो सकता है.
इसी तरह टेक उद्योग के कई नेता भी मानते हैं कि एआई तेजी से आगे बढ़ रहा है. एलन मस्क ने हाल ही में कहा था कि इस दशक के अंत तक एआई इंसानों की सामूहिक बुद्धि से भी ज्यादा शक्तिशाली हो सकती है.