नई दिल्ली: बरसात के मौसम में मच्छरों का बढ़ता आतंक हर घर की बड़ी समस्या बन जाता है. डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों के खतरे के बीच अब एक ऐसी तकनीक सामने आई है, जिसने लोगों की जिज्ञासा बढ़ा दी है. चीन के एक स्टार्टअप ने दावा किया है कि उसकी नई मशीन बिना किसी स्प्रे या केमिकल के हवा में उड़ते मच्छरों का सफाया कर सकती है.
इस डिवाइस का नाम Photon Matrix है. कंपनी के अनुसार, यह मशीन लेजर और इंफ्रारेड सेंसर की मदद से उड़ते कीटों को पहचानती है और उन पर सटीक निशाना साधती है. हालांकि, यह तकनीक अभी शुरुआती विकास चरण में है और बाजार में व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं हुई है.
Photon Matrix में कई सेंसर और इंफ्रारेड डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं. कंपनी का दावा है कि जैसे ही कोई मच्छर या छोटा उड़ने वाला कीट इसकी रेंज में आता है, मशीन उसे पहचानकर लेजर बीम के जरिए निशाना बनाती है. इसका उद्देश्य बिना रासायनिक पदार्थों के कीट नियंत्रण करना है.
इस मशीन की सबसे खास बात इसकी पहचान क्षमता बताई जा रही है. स्टार्टअप के मुताबिक, Photon Matrix लगभग 6 मीटर दूर तक उड़ते मच्छरों और अन्य छोटे कीटों का पता लगा सकता है. इसके बाद सेंसर लक्ष्य की दिशा तय करते हैं और लेजर प्रणाली सक्रिय हो जाती है.
कंपनी का कहना है कि यह डिवाइस घर के अंदर, छत, पार्क, पार्किंग और खुले स्थानों में उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है. चूंकि इसमें केमिकल स्प्रे का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए इसे पारंपरिक मच्छर मारने वाले उत्पादों के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है. इसका लक्ष्य लोगों और भोजन को कीटों से सुरक्षित रखना है.
Photon Matrix फिलहाल एक प्रोटोटाइप है. कंपनी इसे क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए विकसित करने के लिए फंड जुटा रही है. यानी यह तकनीक अभी परीक्षण और विकास के दौर में है. इसलिए इसके व्यावसायिक लॉन्च और वास्तविक प्रदर्शन को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकलना बाकी है.
इस लेजर तकनीक ने भविष्य की स्मार्ट होम डिवाइस को लेकर नई संभावनाएं पैदा कर दी हैं. कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे स्वचालित रोबोट विकसित किए जा सकते हैं, जो घरों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमते हुए मच्छरों और छोटे कीटों का पता लगाकर उनका नियंत्रण कर सकें. हालांकि, फिलहाल यह अवधारणा विकास के शुरुआती चरण में ही है.
Photon Matrix की तकनीक निश्चित रूप से आकर्षक लगती है, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि कंपनी के दावे अभी प्रोटोटाइप स्तर पर हैं. वास्तविक उपयोग, सुरक्षा और प्रभावशीलता का आकलन इसके व्यावसायिक परीक्षण और लॉन्च के बाद ही संभव होगा.