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India Daily

‘बच्चों के लिए खतरनाक हैं FB-Insta…” कोर्ट ने लगाया मेटा पर $375 मिलियन का जुर्माना

फेसबुक पर न्यू मैक्सिको की एक जूरी ने $375 मिलियन (35,22,16,19,137 रुपये) का जुर्माना लगाया है. इस कंपनी पर बच्चों को खतरे में डालने का आरोप लगाया गया है.

Shilpa Shrivastava
‘बच्चों के लिए खतरनाक हैं FB-Insta…” कोर्ट ने लगाया मेटा पर $375 मिलियन का जुर्माना
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: फेसबुक पर मुश्किलों के बादल घिर आए हैं. न्यू मैक्सिको में एक जूरी ने फैसला सुनाते हुए सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी Meta पर आरोप लगाया है कि वो अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों को खतरे में डालने के लिए जिम्मेदार है. साथ ही कहा कि मेटा युवा युजर्स को ऑनलाइन शिकारियों, यौन शोषण और अन्य खतरों से बचाने में नाकामयाब रही हैं. ऐसे में कंपनी को हर्जाने के तौर पर $375 मिलियन (35,22,16,19,137 रुपये) का भुगतान करना होगा.

बता दें कि यह मामला न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज ने उठाया था. उन्होंने 2023 में Facebook, Instagram और WhatsApp की मूल कंपनी Meta के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. इसमें Meta पर आरोप लगाए थे कि उसने अपनी ऐप्स को बच्चों के लिए असुरक्षित बनाया है. साथ ही इससे होने वाले नुकसान के बारे में भी छिपाया है. 

6 हफ्ते तक चला मेटा के खिलाफ मुकदमा:

सांता फे की एक अदालत में यह मुकदमा छह हफ्ते तक चला. इस दौरान जूरी के सदस्यों ने 40 गवाहों के बयान सुने. इनमें Meta के वे पूर्व कर्मचारी भी शामिल थे जिन्होंने व्हिसलब्लोअर के तौर पर काम किया था. उन्होंने सैकड़ों इंटरनल डॉक्यूमेंट्स, रिपोर्ट्स और ईमेल को भी जांचा. वकीलों ने कहा कि Meta को पता था कि उसके प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए खतरनाक हैं, लेकिन उसने सुरक्षा के बजाय मुनाफे को चुना. 

अटॉर्नी जनरल टोरेज ने इस फैसले को बच्चों और परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक जीत बताया. राज्य ने मैक्सिमम पर्मिसेबल अमाउंट यानी $2.2 बिलियन तक के हर्जाने की मांग की थी, लेकिन जूरी ने Meta को $375 मिलियन का हर्जाना देने का आदेश दिया. ऐसा इसलिए क्योंकि उसने न्यू मैक्सिको के अनुचित व्यापार व्यवहार अधिनियम का उल्लंघन किया था. 

फैसले से असहमत है मेटा:

इस पूरे मामले और जूरी के फैसले को लेकर मेटा ने कहा है कि वो इस फैसले से पूरी तरह से असहमत है. कंपनी ने कहा है कि वो इसके खिलाफ अपील करेगी. कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा है कि वो अपने प्लेटफॉर्म पर लोगों को सुरक्षित रखने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं. इसके साथ ही गलत कंटेंट को पहचानकर उसे हटाने का भी काम करते हैं. बता दें कि अब इस मामले के दूसरे चरण की सुनवाई 4 मई से शुरू होगी. तब एक न्यायाधीश यह फैसला करेंगे कि क्या Meta को अतिरिक्त जुर्माना देना होगा और अपने प्लेटफॉर्म तथा व्यावसायिक तौर-तरीकों में वास्तविक बदलाव करने होंगे.