सीनियर कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा रही टेक जगत की ये नामी कंपनी, AI ने निगल ली हजारों की नौकरी
माइक्रोसॉफ्ट अपने सबसे अनुभवी कर्मचारियों को 'स्वैच्छिक निकास' के जरिए सम्मानजनक विदाई का मौका दे रहा है. एआई की दौड़ में आगे रहने के लिए कंपनी भारी वेतन वाले पदों को नई प्रतिभाओं और अत्याधुनिक तकनीक से बदलना चाहती है.
नई दिल्ली: टेक जगत में आजकल छंटनी (Layoffs) की खबरों ने कर्मचारियों की रातों की नींद उड़ा रखी है. हाल ही में जब मेटा (Meta) ने अपने लगभग 8,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने का ऐलान किया, तो पूरी इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया. ठीक इसी समय, दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) से भी अपने कर्मचारियों के लिए एक खास मैसेज आया. लेकिन, यह मैसेज बाकी कंपनियों की तरह 'पिंक स्लिप' या अचानक नौकरी से निकालने का नहीं था. माइक्रोसॉफ्ट ने एक अलग और थोड़ा 'नरम' रास्ता चुनते हुए अपने पुराने और अनुभवी कर्मचारियों को 'स्वैच्छिक निकास' (Voluntary Exit) का विकल्प दिया है.
क्या है यह 'स्वैच्छिक निकास'?
आसान भाषा में कहें तो, माइक्रोसॉफ्ट सीधे तौर पर कर्मचारियों को निकाल नहीं रही है, बल्कि उन्हें एक आकर्षक वित्तीय पैकेज (Severance Package) ऑफर कर रही है. कंपनी का कहना है कि जो कर्मचारी चाहें, वे अपनी मर्जी और कंपनी के पूरे सहयोग के साथ सम्मानपूर्वक विदा ले सकते हैं. जहां अमेजन और ओरेकल जैसी कम्पनियां सख्त रुख अपना रही हैं, वहीं माइक्रोसॉफ्ट के इस कदम को मानवीय नजरिए से देखा जा रहा है.
किन्हें मिल रहा है यह मौका?
माइक्रोसॉफ्ट की HR हेड एमी कोलमैन के मुताबिक, यह ऑफर केवल सीनियर या सबसे पुराने कर्मचारियों के लिए है. इसके लिए कंपनी ने '70 का नियम' बनाया है. यानी, अगर किसी कर्मचारी की उम्र और कंपनी में काम करने के सालों का जोड़ 70 या उससे ज्यादा होता है, तो वह इस ऑफर का हकदार है. उदाहरण के लिए, यदि किसी की उम्र 50 साल है और उसने माइक्रोसॉफ्ट में 20 साल सेवा दी है (50+20=70), तो वह इस पैकेज के लिए योग्य है. अनुमान है कि अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट के कुल 1.25 लाख कर्मचारियों में से लगभग 7% यानी करीब 8,750 लोग इस दायरे में आएंगे. योग्य कर्मचारियों को 7 मई तक इसकी पूरी जानकारी भेज दी जाएगी.
आखिर माइक्रोसॉफ्ट ऐसा क्यों कर रही है?
सवाल उठना लाजमी है कि जो कंपनी आर्थिक रूप से इतनी मजबूत है, वह अपने अनुभवी लोगों को क्यों हटाना चाहती है? इसके पीछे दो बड़े रणनीतिक कारण नजर आते हैं:
भारी वेतन की बचत और AI में निवेश:- वरिष्ठ कर्मचारियों का वेतन स्वाभाविक रूप से काफी अधिक होता है. विशेषज्ञों का मानना है कि एक सीनियर कर्मचारी को हटाकर कंपनी कई जूनियर प्रोफेशनल्स को रख सकती है, जिससे बड़ी बचत होगी. माइक्रोसॉफ्ट इस पैसे का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बुनियादी ढांचे, डेटा सेंटर और चिप्स खरीदने में करना चाहती है. गूगल और अमेजन के साथ AI की रेस में बने रहने के लिए कंपनी को अरबों डॉलर के निवेश की जरूरत है.
पीढ़ीगत बदलाव और नई स्किल्स:- आज की तकनीक बिजली की रफ्तार से बदल रही है. कंपनी का मानना है कि नई पीढ़ी AI जैसी तकनीकों को सीखने और अपनाने में ज्यादा फुर्तीली है. वहीं, कई पुराने कर्मचारी काम के पारंपरिक तरीकों को ही बेहतर मानते हैं . माइक्रोसॉफ्ट अब केवल सॉफ्टवेयर कंपनी नहीं, बल्कि एक 'इंटेलिजेंस इंजन' बनना चाहती है. मुस्तफा सुलेमान के नेतृत्व में कंपनी अब अपने खुद के AI मॉडल विकसित कर रही है और उसके पास पहले से ही 70 से अधिक कोपायलट टूल मौजूद हैं.
बदलते दौर की आहट
माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले साल भी करीब 15,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी, लेकिन इस बार का तरीका 'सॉफ्ट' है. यह कदम साफ संकेत देता है कि भविष्य में केवल डिग्री या सालों का अनुभव काफी नहीं होगा. जो लोग AI के साथ तालमेल नहीं बिठा पाएंगे, उनके लिए टेक जगत में जगह बनाना मुश्किल होता जाएगा. माइक्रोसॉफ्ट का यह फैसला बताता है कि वह अपनी पुरानी विरासत का सम्मान तो करती है, लेकिन उसकी नजरें पूरी तरह से AI के भविष्य पर टिकी हैं.