नई दिल्ली: आजकल लैपटॉप हर किसी की जरूरत बन गया है. चाहे ऑफिस का काम हो, पढ़ाई का असाइनमेंट हो या घर पर कोई काम, लैपटॉप हर जगह काम आता है. लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या लैपटॉप की भी कोई एक्सपायरी डेट होती है? खाने-पीने की चीजों की तरह तो लैपटॉप पर एक्सपायरी डेट नहीं लिखी होती, लेकिन हर लैपटॉप की एक औसत उम्र जरूर होती है.
कोई कंपनी आधिकारिक तौर पर लैपटॉप की उम्र नहीं बताती, लेकिन आम अनुभव के अनुसार एक अच्छा लैपटॉप 3 से 5 साल तक अच्छे से काम करता है. इसके बाद उसके पार्ट्स पुराने होने लगते हैं और परफॉर्मेंस धीरे-धीरे कम होने लगती है.
लैपटॉप को सुरक्षित रखने के लिए नए ऑपरेटिंग सिस्टम (Windows) के अपडेट बहुत जरूरी होते हैं. अगर कंपनी अपडेट देना बंद कर दे तो समझिए कि आपका लैपटॉप अब पुराना हो चुका है. बिना अपडेट के साइबर अटैक का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में नया लैपटॉप लेना बेहतर होता है.
अगर पांच साल बाद आपका लैपटॉप बार-बार खराब होने लगा है और हर बार रिपेयरिंग पर भारी खर्चा आ रहा है तो यह संकेत है कि अब इसे बदल देना चाहिए. पुराने पार्ट्स बार-बार खराब होते हैं और नया पार्ट महंगा पड़ता है.
पुराना लैपटॉप धीरे चलने लगता है. कई काम एक साथ करने (मल्टीटास्किंग) में दिक्कत होती है. प्रोग्राम खुलने में समय लगता है, हैंग होता है. अगर रोजाना इस्तेमाल में यह समस्या आ रही है तो नया लैपटॉप लेने का समय आ गया है.