नई दिल्ली: इस साल अमेरिका की टेक कंपनी एप्पल अपनी नई सीरीज लॉन्च करेगी. देखा जाए तो iPhone 18 की कीमत पर चर्चा करना अभी सही नहीं रहेगा, क्योंकि अभी कुछ भी कहना जल्दी रहेगा. Apple की आदत है कि वह हर साल iPhone की कीमतें काफी हद तक स्टेबल रखता है, फिर चाहे टेक्नोलॉजी बेहतर हो या फिर मैन्यूफैक्चरिंग कॉस्ट ही क्यों न बढ़ जाए.
कुछ समय पहले तक ये कंफ्यूजन थी कि कंपोनेंट्स महंगे होने के चलते एप्पल को नए फोन की कीमत बढ़ानी पड़ सकती है, लेकिन एनालिस्ट की कुछ नई जानकारी से पता चलता है कि लोगों को किसी भी तरह की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. एप्पल अब से कीमतों को स्टेबल रखता है.
मिंग-ची कुओ ने कहा है कि कंपनी iPhone 18 की कीमतें पिछले साल जितनी ही रखने का प्लान है. मार्केटिंग के लिहाज से इसे एक अच्छा कदम माना जाता है. आझकल लोग कीमतों को लेकर काफी सेंसिटिव हो गए हैं. Apple को यह अच्छे से पता है कि कीमत को स्टेबल रखना भारत जैसे बड़े बाजारों के लिए जरूरी है. इससे यूजर्स को आकर्षित करने में मदद मिलती है.
Apple अगर कीमतें स्टेबल रखना चाहता है, तो यह आसान काम नहीं होगा. कंपनी नई A20 चिप लाने वाली है. इसके साथ फोन बनाने में लागत ज्यादा आएगी. बता दें कि Apple का चिप पार्टनर, TSMC, AI और GPU-पावर्ड टेक्नोलॉजी में तेजी के कारण एडवांस्ड चिप्स की भारी मांग से जूझ रहा है. इससे सभी चीजों की लागत बढ़ रही है.
सप्लाई की समस्याओं के कारण मेमोरी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. कुओ ने कहा है कि एप्पल को अब हर तिमाही में सप्लायर्स के साथ मोलभाव करना पड़ता है. बता दें कि सिर्फ मेमोरी की ही बात करें तो 2026 तक इसकी कीमत 10-25 प्रतिशत ज्यादा महंगी हो सकती है. ग्राहकों से ज्यादा पैसे लेने के बजाय, Apple कुछ ऐसा भी फैसला कर सकता है कि वो सारा बोझ खुद पर ही झेल जाए.
iPhone 18 की कीमत iPhone 17 जितनी होने की उम्मीद है. बता दें कि iPhone 17 की शुरुआती कीमत अमेरिका में USD 799 थी, जिसकी भारत में कीमत 82,999 रुपये नए लीक्स के अनुसार, iPhone 18 की बेस कीमत iPhone 17 के बराबर होनी चाहिए.