नई दिल्ली: आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर बहुत तेजी से बढ़ रहा है. सोशल मीडिया एक्स पर एआई को लेकर एक नया विवाद शुरू हो गया है. दरअसल, एक्स पर AI असिस्टेंट ग्रोक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक डिप्लोमैटिक पोस्ट का गलत ट्रांसलेशन कर दिया है. इस ट्रांसलेशन से एक सद्भावना का संदेश राजनीतिक बयान में बदल चुका है.
क्या था पीएम मोदी का पोस्ट: बता दें कि पीएम मोदी ने एक पोस्ट का रिप्लाई करते हुए कहा था, "मैं भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं. हम दोनों देशों के लोगों के फायदे के लिए मिलकर काम करते रहेंगे. मैं मालदीव के सभी लोगों के लिए खुशहाली और समृद्धि से भरे भविष्य की कामना करता हूं."
"शुक्रिया, रायथुन मजलिस. मालदीव में भारत का 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया और मालदीव सरकार ने इस प्रोग्राम में हिस्सा लिया. यह सुकुरिया सरकार लोगों के भारत विरोधी अभियानों में भी शामिल रही है. यहां तक कि दो भारत विरोधी अभियानों में भी वे विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे रहे हैं." इस विषय पर चर्चा काफी तेज होती जा रही है.
अगर सही तरीके से एआई का इस्तेमाल किया जाए, तो एआई काफी मददगार साबित हो सकता है, लेकिन इसके लिए आपको कुछ बातों का ख्याल रखना होगा. एआई के जरिए ट्रांसलेशन करते समय निम्न बातों पर ध्यान जरूर देना होगा.
AI कॉन्टेक्स्ट को मिस कर सकता है. AI टूल्स कई बार शब्दों को सही ढंग से ट्रांसलेट नहीं करते हैं. वो वाक्यों को समझने में अक्षम हो जाते हैं और उसका पूरा मतलब बदल देते हैं.
कुछ वाक्यांशों या अभिव्यक्तियों का सांस्कृतिक महत्व होता है, जिसे AI शाब्दिक रूप से और गलत तरीके से ट्रांसलेट कर सकता है.
AI ट्रांसलेशन में ग्रामर की गलतियां हो सकती हैं. यह खासतौर से लंबे और मुश्किल वाक्यों में ज्यादा होता है.
ट्रांसलेट किया गया टेक्स्ट रोबोटिक या बहुत फॉर्मल लग सकता है. इसमें इमोशन्स की कोई जगह नहीं होती है. ऐसे में उसे इंसान द्वारा एडिट करने की जरूरत हो सकती है.
आम कहावतें और मुहावरे अक्सर AI का इस्तेमाल करके अच्छी तरह से ट्रांसलेट नहीं होते हैं.
मेडिकल, कानूनी या टेक्निकल ट्रांसलेशन के लिए, गंभीर गलतियों से बचने के लिए इंसान द्वारा जांच बहुत महत्वपूर्ण है.
AI नामों, जगहों या टाइटल्स को गलत तरीके से ट्रांसलेट कर सकता है जिन्हें बदला नहीं जाना चाहिए.
एक भाषा की कई बोलियां हो सकती हैं और AI हमेशा सही क्षेत्रीय शैली नहीं चुन सकता है.
फ्री AI टूल्स का इस्तेमाल करके संवेदनशील या निजी जानकारी का ट्रांसलेशन करने से बचें.