iPhone Fake or Original: पिछले कुछ वर्षों में आईफोन का क्रेज तेजी से बढ़ा है. जब सेल आती है तो लोग धड़ल्ले से आईफोन खरीदने में जुट जाते हैं. हालांकि, कई ऐसे मामले देखे गए हैं, जिसमें लोगों को फेक आईफोन भी रिसीव हुए हैं. बता दें कि फ्लिपकार्ट और अमेजन पर त्योहारी सेल जैसे बड़े शॉपिंग इवेंट्स के दौरान नकली डिवाइस बाजार में छा गए हैं. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, फेक आईफोन्स का मार्केट अब लाखों डॉलर का हो गया है.
अगर आपने नया iPhone खरीदा है, खासकर किसी सेल के दौरान, तो उसे वेरिफाई करना काफी जरूरी हो जाता है. यहां हम आपको 3 तरीके बता रहे हैं, जो आसानी से यह समझने और जानने में मदद करता है कि आपका नया आईफोन ओरिजिनल है या नहीं. ये काफी मददगार साबित होंगे.
हर स्मार्टफोन, चाहे iPhone हो या Android, का एक यूनिक IMEI (इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी) नंबर होता है. इसी से डिवाइस को वेरिफाई किया जाता है. IMEI नंबर का पता लगाने के लिए *#06# डायल करना होगा. अगर फोन पर दिखाया गया IMEI बॉक्स पर दिए गए नंबर से मेल नहीं खाता है, तो आपका फोन नकली हो सकता है.
असली iPhones में Apple का आईओएस होता है. फेक डिवाइस एंड्रॉइड पर काम करते हैं. ऐसे में आईफोन की सेटिंग में जाएं और चेक करें कि कौन-सा अपडेट फोन में चल रहा है. अगर फोन iOS पर नहीं चल रहा है, तो यह नकली है.
Apple के आधिकारिक चेक कवरेज पेज पर जाएं. फिर यां पर डिवाइस का सीरियल नंबर डालें जो आपको बॉक्स पर मिल जाएगा. फिर कैप्चा डालें. अगर सीरियल नंबर अमान्य है या ऐसी जानकारी दिखा रहा है जो आपके डिवाइस से मेल नहीं खाती तो फोन फेक होने की संभावना है.