ऑनलाइन शॉपिंग करते समय एक गलती खाली कर देगी आपका पूरा बैंक बैलेंस, इस तरह रहें सुरक्षित
अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, तो आज हम आपको इसके बारे में कुछ जानकारी दे रहे हैं. ऑनलाइन शॉपिंग कैसे की जाती है और इससे कैसे बच सकते हैं, चलिए जानते हैं.
नई दिल्ली: ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. हर दिन कोई न कोई एक ऐसा मामला जरूर मिल जाता है, जिसमें लोगों का पैसा चुराया जा रहा होता है या फिर किसी के साथ ऑनलाइन शॉपिंग में ठगी हो जाती है. ऑनलाइन शॉपिंग में स्कैम होना आज के समय में काफी आम हो चला है. कई बार जो ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं, उसकी जगह साबुन या पत्थर भेज दिए जाते हैं. वहीं, कई बार फेक ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए भी ठगी की जाती है.
कैसे फंस जाते हैं लोग: स्कैमर्स लोगों को ऐसा झांसा देते हैं, जिसे वो मना ही नहीं कर पाते. स्कैमर्स पैसे या पर्सनल डाटा चुराने के लिए नकली वेबसाइट, विज्ञापन या फिशिंग लिंक बनाते हैं. इस तरह की वेबसाइट पर प्रोडक्ट लिस्ट किए जाते हैं और हजारों रुपये की छूट दी जाती है, जिसे यूजर नजरअंदाज कर ही नहीं पाते हैं.
किस तरह से किया जाता है ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड:
नकली वेबसाइट/ऐप:
- स्कैमर्स इस तरह की वेबसाइट्स बनाते हैं, जो जाने-माने ब्रांडों की नकल करती हैं. इन पर कई प्रोडक्ट्स पर भारी छूट दी जाती है. कई बार पेमेंट करने के बाद भी सामान डिलीवर नहीं होता है.
सोशल मीडिया स्कैम:
- कई बार सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट्स के एड दिए जाते हैं. इन एड में लोगों को ऐसे ऑफर दिए जाते हैं, जिस वो मना नहीं कर पाते. इन्हीं एड में पेमेंट लिंक भी होता है, जो यूजर को सीधे पेमेंट करने पर जोर देते हैं.
फिशिंग लिंक:
- स्कैमर्स लोगों को व्हाट्सऐप, एसएमएस या ईमेल के जरिए लिंक भेजते हैं. इनमें दावा किया जाता है कि वो लोकप्रिय साइटों से हैं. वो अक्सर फेक इनाम देने का झांसा देते हैं.
फेक कस्टमर सपोर्ट:
- स्कैमर कई बार फेक सर्विस नंबर बनाते हैं, जो ऑनलाइन सर्च में अक्सर दिखाई दे जाते हैं, जिससे वो यूजरनेम/पासवर्ड चुरा सकें. इसके साथ ही कई बार तो रजिस्ट्रेशन फीस की मांग की जाती है.
सामान का डिलीवर न होना:
- कई बार आप ऑनलाइन पेमेंट कर देते हैं और वो सामान आप तक नहीं पहुंचता है. वहीं, कई बार ऐसा भी होता है कि आप जो मंगवाते हैं उसके बदले कुछ और दे दिया जाता है.
ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम से कैसे रहें सुरक्षित:
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इस तरह के स्कैम से बचने के लिए केवल भरोसेमंद और जानी-मानी वेबसाइटों से ही खरीदारी करें. अगर आपको सोशल मीडिया पर कोई रैंडम विज्ञापन दिखे तो उस पर क्लिक करने से बचें.
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यह सुनिश्चित करें कि वेबसाइट का URL सही हो, उसमें कोई भी स्पेलिंग मिस्टेक न हो और HTTPS के आगे लॉक का साइन हो.
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अगर आप ऑनालाइन किसी अलग वेबसाइट से खरीदारी करते हैं तो खरीदारी के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करें, क्योंकि इनमें धोखाधड़ी से बेहतर सुरक्षा और पैसे वापस पाने के बेहतर विकल्प मिलते हैं.
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कभी भी किसी के साथ OTP या यूपीआई पिन शेयर न करें.