नई दिल्ली: गूगल का इस्तेमाल पूरी दुनिया में होता है. कोई जानकारी चाहिए हो या किसी प्रोडक्ट के बारे में जानना हो, लोग सबसे पहले गूगल का सहारा लेते हैं. हम सर्च बॉक्स में कुछ शब्द लिखते हैं और कुछ ही सेकंड में कई रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक गूगल सर्च के पीछे आखिर कितने कंप्यूटर काम करते हैं? आइए आसान भाषा में इसकी पूरी सच्चाई जानते हैं.
जब आप गूगल पर कोई सवाल टाइप करके सर्च दबाते हैं तो आपकी रिक्वेस्ट सिर्फ एक कंप्यूटर तक नहीं जाती. गूगल के विशाल नेटवर्क में मौजूद कई सर्वर मिलकर आपके सवाल को प्रोसेस करते हैं. कुछ सर्वर आपके सवाल को समझने का काम करते हैं. कुछ जरूरी जानकारी ढूंढते हैं. कुछ उन रिजल्ट्स को तैयार करके आपकी स्क्रीन पर दिखाते हैं. यानी एक सर्च के पीछे कई सिस्टम साथ मिलकर काम करते हैं.
गूगल के पास दुनिया के अलग-अलग देशों में बड़े-बड़े डेटा सेंटर हैं. इनमें हजारों सर्वर, स्टोरेज सिस्टम और नेटवर्किंग डिवाइस लगे होते हैं. जब आप कोई सर्च करते हैं तो सिस्टम कोशिश करता है कि आपकी रिक्वेस्ट ऐसे सर्वर तक पहुंचे जो आपको सबसे तेजी से जवाब दे सके. इसके लिए आपकी लोकेशन, नेटवर्क की स्पीड और उपलब्ध रिसोर्सेज का ध्यान रखा जाता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हर सर्च में हजारों कंप्यूटर एक साथ चालू हो जाते हैं. जरूरत के हिसाब से ही सिस्टम काम करता है.
गूगल इंटरनेट के अरबों वेब पेजों को पहले से क्रॉल करके एक बड़ा सर्च इंडेक्स बना लेता है. इसे आप इंटरनेट की बहुत बड़ी डिजिटल लाइब्रेरी समझ सकते हैं. जब आप कोई सवाल पूछते हैं तो गूगल को हर बार पूरी दुनिया के इंटरनेट को दोबारा स्कैन करने की जरूरत नहीं पड़ती. वह अपने इंडेक्स से सिर्फ उन पेजों को खोजता है जहां आपके सवाल का जवाब मिल सके. इसी वजह से रिजल्ट इतनी तेजी से सामने आ जाते हैं.
आज गूगल सर्च सिर्फ कीवर्ड मैच करने तक सीमित नहीं रहा. भाषा को समझने, सवाल का मतलब समझने और बेहतर रिजल्ट देने के लिए मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई सिस्टम का बड़ा रोल है. कुछ मुश्किल सर्च में इन सिस्टम को ज्यादा कंप्यूटिंग ताकत लगती है. साधारण सवालों के लिए उतनी जरूरत नहीं पड़ती.
इसकी कोई एक निश्चित संख्या नहीं है. एक गूगल सर्च के दौरान कई सर्वर, नेटवर्क सिस्टम, स्टोरेज और सॉफ्टवेयर सर्विसेज मिलकर काम करते हैं. सर्च कैसा है, उसके हिसाब से कंप्यूटिंग की जरूरत बदलती रहती है.