नई दिल्ली: ई-कॉमर्स कंपनी Amazon एक बार फिर से बड़े लेवल पर छंटनी करने जा रही है. इसमें करीब 30,000 जॉब रोल्स को खत्म किया जाएगा. कंपनी इतने बड़े पैमाने पर पहली बार लेऑफ करने जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी बताया जा रहा है. खबरों के अनुसार, कंपनी आज छंटनी करना शुरू कर देगी. इस राउंड की छंटनी से कंपनी के ग्लोबल कॉर्पोरेट वर्कफोर्स के लगभग 10 प्रतिशत लोगों पर असर पड़ने की उम्मीद है.
अमेजन में अभी दुनिया भर में कुल 1.5 मिलियन लोग काम करते हैं, जो इसके वेयरहाउस और ऑफिस में फैले हुए हैं. पिछले साल की बात करें तो इनकी कुल कॉर्पोरेट वर्कफोर्स 35000 कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें एग्जीक्यूटिव, मैनेजरियल और सेल्स रोल्स आदि मौजूद हैं.
अभी तक अमेजन ने यह घोषणा नहीं की है कि दुनियाभर में कहां-कहां लेऑफ किए जाएंगे. हालांकि, रिपोर्ट से पता चला है कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब नई टेक्नोलॉजी, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑफिस सेटिंग्स में नौकरियों को लेकर चिंताएं काफी ज्यादा बढ़ रही हैं. साथ ही अमेरिका में भी जॉब मार्केट काफी स्लो दिख रहा है.
अमेजन ने कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल सर्विसेज में हुई बढ़ोतरी के चलते कई लोगों को हायर किया था. इस तरह के फैसले अमेजन समेत कई टेक कंपनियों ने लिए थे. इसके बाद सीईओ एंडी जेसी कंपनी की कॉस्ट कम करने की कोशिश कर रहे हैं. कंपनी अपनी एफिशियंसी को बढ़ाने के लिए AI टूल्स में निवेश कर रही है.
इस साल की शुरुआत में, अमेजन ने ह्यूमन रिसोर्स और अमेजन वेब सर्विसेज समेत कई विभागों में लगभग 27,000 कर्मचारियों को निकाल दिया था. जेसी ने बताया था कि ये जॉब कट ग्लोबल इकॉनमी के कमजोर होने के जवाब में किए जा रहे थे. इससे पहले जून महीने में, जेसी ने कर्मचारियों को एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए कहा था कि एआई से होने वाले एफिशिएंसी गेन से आखिरकार कंपनी कम ह्यूमन वर्कफोर्स के साथ काम कर पाएगी.
इसके साथ ही पोस्ट में कहा था कि कंपनी ने हाल ही में अपने ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट, जिसे पीपल एक्सपीरियंस एंड टेक्नोलॉजी टीम के नाम से भी जाना जाता है, में कर्मचारियों की छंटनी की है.