उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है. पहाड़ों में बारिश और बादलों के बीच ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.
राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधि कुछ धीमी पड़ी है. मौसम विभाग ने सोमवार को नैनीताल समेत छह जिलों में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है.
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और चमोली में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. विभाग ने सभी जिलों में आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी है. कुछ क्षेत्रों में बारिश का दौर तेज से बहुत तेज हो सकता है. ऐसे में पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
बारिश के बीच हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और आसपास की ऊंची पहाड़ियों पर हल्का हिमपात हुआ. पिथौरागढ़ में पंचाचूली, हरदेवल, नंदा देवी और नंदा कोट की चोटियों पर भी सुबह हल्की बर्फबारी दर्ज की गई. हिमपात और बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान नीचे आया है. वहीं, भूस्खलन के कारण कई सड़क मार्ग बार-बार बाधित हो रहे हैं. इससे स्थानीय लोगों और यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
पिथौरागढ़ में रात से बारिश का सिलसिला जारी है. बारिश के कारण जिले में करीब 23 रास्ते बंद हो गए हैं. स्थिति को देखते हुए सोमवार को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई है. चीन सीमा से जुड़े क्षेत्रों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है. सीमांत इलाकों में लगातार तीसरे दिन आवाजाही बाधित रही. कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पांच स्थानों पर बंद है. प्यलसीती के पास सड़क बह गई है, जबकि नारायण आश्रम मार्ग भी दूसरे दिन बंद रहा.
नैनीताल में पिछले 24 घंटे से बारिश जारी है. यहां करीब एक सप्ताह से झील के निकासी द्वार खुले हुए हैं. बारिश के चलते करीब 23 ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई है. दूसरी ओर देहरादून में दिनभर बादल छाए रहे और कुछ इलाकों में बौछारें पड़ीं. दोपहर बाद हल्की धूप निकलने से उमस भी महसूस की गई.