नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बड़ा हादसा हुआ. दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई. इस इमारत का इस्तेमाल लड़कों के PG यानी पेइंग गेस्ट के तौर पर किया जा रहा था. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे.
खबरों के अनुसार, हादसे में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है. बचाव अभियान अभी भी जारी रहा और अधिकारियों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश की.
हादसे की जानकारी मिलते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौके पर पहुंचीं और हालात का जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि इस हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने पुलिस को इमारत के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश भी दिए. पुलिस ने इसके बाद कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया.
Following an on-site review and based on the preliminary assessment, Chief Minister has ordered a Magisterial Inquiry of the incident and FIR against the building owner.
— CMO Delhi (@CMODelhi) September 6, 2026
Those found responsible for this grave incident will be held fully accountable and dealt with under the…
पुलिस के अनुसार, हादसे के समय इमारत में मरम्मत या रेनोवेशन का काम चल रहा था. शुरुआती जानकारी में बताया गया है कि ग्राउंड फ्लोर पर काम किया जा रहा था. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निर्माण या खुदाई के दौरान एक पिलर के खिसकने की वजह से पूरी इमारत कमजोर हुई और बाद में गिर गई. हालांकि हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी. दिल्ली पुलिस ने FIR नंबर 153/26 के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने बताया कि मामले में कई धाराएं लगाई गई हैं और आरोपियों का पता लगाने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं.
इमारत गिरने के बाद मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बड़े स्तर पर Rescue Operation शुरू किया गया. NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर काम कर रही हैं. बचाव दल मलबे को सावधानी से हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं. NDRF ने सर्च और रेस्क्यू इक्यूप्मेंट के साथ-साथ लाइफ डिटेक्टर्स और प्रशिक्षित कुत्तों की भी मदद ली. भारी मलबे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी मुश्किल रहा.