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उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, देहरादून-नैनीताल समेत 7 जिलों में स्कूल बंद

उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी बारिश की आशंका को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है.

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Edited By: Reepu Kumari
उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, देहरादून-नैनीताल समेत 7 जिलों में स्कूल बंद
Courtesy: Pinterest

उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 9 और 10 जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. देर रात से देहरादून समेत कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. भारी बारिश की आशंका को देखते हुए देहरादून और नैनीताल जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. लोगों से भी मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करने और सावधानी बरतने की अपील की गई है.

आज इन सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट

आईएमडी के अनुसार 9 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चम्पावत जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट लागू किया गया है.

10 जुलाई को भी राहत के आसार नहीं

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 10 जुलाई को भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है. पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत और बागेश्वर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों के लिए येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा.

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं. राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. साथ ही आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने और सड़क मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया है.

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग की चेतावनियों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि विशेषकर पर्वतीय और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें. नदी-नालों और बरसाती गधेरों के पास जाने से भी परहेज करने की सलाह दी गई है.

24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश

प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को पर्याप्त संसाधन और मानव बल उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं. किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपातकालीन सेवाओं से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है. अधिकारियों ने लोगों से केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी मौसम संबंधी जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है.