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नीरज चोपड़ा ने फिर दिखाया दम, सिल्वर जीतकर भारत को दिलाई ऐतिहासिक बढ़त; जेवलिन में रचा इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका जज्बा अभी भी बरकरार है. स्कॉटलैंड के स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में हुए पुरुषों के जेवलिन फाइनल में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता.

Shilpa Shrivastava
नीरज चोपड़ा ने फिर दिखाया दम, सिल्वर जीतकर भारत को दिलाई ऐतिहासिक बढ़त; जेवलिन में रचा इतिहास
Courtesy: X

नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका जज्बा अभी भी बरकरार है. स्कॉटलैंड के स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में हुए पुरुषों के जेवलिन फाइनल में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता. हवा और मुश्किल मौसम के बावजूद नीरज ने इस सीजन का अपना बेस्ट थ्रो किया. 

इस मुकाबले में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 89.75 मीटर का लंबा थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल जीता. वहीं भारत के युवा खिलाड़ी यश वीर सिंह ने आखिरी मौके पर 85.41 मीटर का शानदार थ्रो करके ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया.

भारत के लिए ऐतिहासिक दिन:

यह दिन भारत के लिए बेहद खास रहा. पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पुरुषों के जेवलिन में भारत के दो खिलाड़ी एक साथ पोडियम पर खड़े नजर आए. इसके अलावा जूडो में गोल्ड, बॉक्सिंग में शानदार प्रदर्शन और डेकाथलॉन में मेडल ने इस दिन को और खास बना दिया.

नीरज चोपड़ा ने कैसे किया कमाल?

नीरज चोपड़ा ने अपने पहले थ्रो में 80.97 मीटर दूरी तय की. इसके बाद दूसरे थ्रो में उन्होंने 85.83 मीटर का शानदार थ्रो किया, जो उनका इस सीजन का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा. इस थ्रो के बाद वह कुछ समय के लिए पहले स्थान पर आ गए थे. लेकिन श्रीलंका के रुमेश ने जबरदस्त वापसी करते हुए 89.75 मीटर का थ्रो फेंका और गोल्ड पक्का कर लिया. इसके बाद नीरज ने और कोशिश की, लेकिन वह इससे आगे नहीं जा पाए और सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.

चोट के बाद नीरज की वापसी:

नीरज चोपड़ा पिछले कुछ समय से चोट से जूझ रहे थे. वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान उनकी पीठ की समस्या बढ़ गई थी, जिसके कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ. उन्होंने खुद माना कि वह अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं. नीरज ने कहा कि अगर वह 100% फिट होते, तो और बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे. उन्होंने यह भी बताया कि चोट के बाद वापसी करते समय उनके मन में थोड़ा डर था, लेकिन फिर भी वह अपने प्रदर्शन से खुश हैं.

यश वीर सिंह का धमाका:

भारत के युवा खिलाड़ी यश वीर सिंह ने इस मुकाबले में सबको चौंका दिया. आखिरी थ्रो से पहले वह आठवें स्थान पर थे, लेकिन उन्होंने 85.41 मीटर का थ्रो करके सीधे तीसरे स्थान पर छलांग लगा दी. यह उनका पर्सनल बेस्ट भी था और इसी के साथ उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया. उनकी इस शानदार वापसी ने भारत को डबल पोडियम दिलाया.

भारत में बढ़ रही जेवलिन की ताकत:

इस मुकाबले ने यह दिखा दिया कि भारत में अब जेवलिन सिर्फ Neeraj Chopra तक सीमित नहीं है. अब नए खिलाड़ी भी सामने आ रहे हैं और देश को मेडल दिला रहे हैं. यह भारतीय एथलेटिक्स के लिए बहुत अच्छी खबर है.