menu-icon
India Daily

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में फिर बरसेंगे बादल, देहरादून समेत सात जिलों में जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड में सोमवार को देहरादून सहित सात जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. पर्वतीय क्षेत्रों में गरज चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में फिर बरसेंगे बादल, देहरादून समेत सात जिलों में जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट
Courtesy: Chatgpt

देहरादून: उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है. मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है. देहरादून समेत सात जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में गरज चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर की भी चेतावनी दी गई है. प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से सतर्क रहने तथा मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की अपील की है.

पिछले दो दिनों से उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर कुछ धीमा पड़ा था. हालांकि रविवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहे और कई पर्वतीय इलाकों में तेज बौछारें दर्ज की गईं. राजधानी देहरादून में दिनभर धूप और बादलों के बीच आंख मिचौनी का दौर चलता रहा. शाम के समय हाथीबड़कला समेत कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी घने बादल छाए रहे.

मौसम विज्ञान केंद्र ने क्या बताया?

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार को राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में कहीं कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में गरज चमक के साथ बिजली गिरने और तेज से अति तेज बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं.

क्या जारी हुई है चेतावनी?

हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में भी गरज चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, नदी नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है. पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

इधर लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण बंद पड़ा तवाघाट लिपुलेख मार्ग, जो कैलास मानसरोवर यात्रा का प्रमुख रास्ता है, करीब 40 घंटे बाद रविवार को यातायात के लिए खोल दिया गया. मलघाट क्षेत्र में पहाड़ से पत्थर और बोल्डर गिरने के कारण शुक्रवार रात से यह मार्ग पूरी तरह बंद था. इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

कैसी है वहां की स्थिति?

सीमा सड़क संगठन ने बारिश कम होने के बाद मशीनों की सहायता से मलबा हटाकर सड़क को दोपहर बाद यातायात के लिए बहाल कर दिया. इसके अलावा धारचूला तवाघाट मार्ग के कुलागढ़ क्षेत्र और मुनस्यारी मिलम मार्ग पर भी भूस्खलन के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ था, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया.

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं. ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है. प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है.