उत्तराखंड में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के 6 जिलों में बारिश की संभावना जताई है. पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है. हालात को देखते हुए देहरादून में सभी स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी छुट्टी घोषित कर दी गई है.
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, पिछले 24 घंटे में देहरादून के मालदेवता में सबसे अधिक 83 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. सहस्रधारा आईटीआई में 65 मिलीमीटर और हल्द्वानी में 45.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई.
बारिश के बीच टिहरी बांध का जलस्तर भी चेतावनी स्तर को पार कर गया है. मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि भारी बारिश के दौरान बांधों और बैराजों से पानी का बहाव बढ़ाया जा सकता है. इसके चलते प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है. प्रशासन की ओर से नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. इस मानसून में प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक प्रदेश में 33 लोगों की मौत हो चुकी है.
बारिश और भूस्खलन का सबसे ज्यादा असर प्रदेश की सड़कों पर दिखाई दे रहा है. फिलहाल 124 सड़कें बंद हैं. इनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग, दो राज्य राजमार्ग, एक अन्य जिला मार्ग, 28 लोक निर्माण विभाग की सड़कें और 92 पीएमजीएसवाई तथा ग्रामीण निर्माण विभाग की सड़कें शामिल हैं. पिथौरागढ़ में सबसे अधिक 24 सड़कें बंद हैं.
मलबा और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में यातायात प्रभावित है. संबंधित विभाग बंद सड़कों को खोलने में जुटे हुए हैं. मौसम विभाग के अनुसार 21 से 23 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है. ऐसे में पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.