नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान का साथ देने वाले देशों को सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर किसी भी देश ने ईरान को आर्थिक मदद या सामान पहुंचाया, तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. अमेरिका अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक अभियान शुरू करने की तैयारी में है, जिसका मकसद ईरान के अंतरराष्ट्रीय रास्ते बंद करना है.
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में लिखा है कि ईरान को किसी भी तरह की मदद देने वाले देश इस कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे. उनके मुताबिक, अगर किसी देश की वित्तीय संस्थाएं, कंपनियां, एयरपोर्ट या सरकारी एजेंसियां ईरान के लिए मदद का रास्ता खोलती हैं, तो उन्हें भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.
ट्रंप ने ईरान की मदद के कुछ खास तरीकों का जिक्र किया. इनमें तेल की तस्करी, वित्तीय लेनदेन, नकद पैसे का ट्रांसफर, एक्सचेंज हाउस, जहाजों के रजिस्ट्रेशन और दूसरी कंपनियों के नाम पर कारोबार शामिल हैं. उन्होंने साफ कहा कि ईरान तक पहुंचने वाली ऐसी सभी आर्थिक मदद को तुरंत रोकना होगा. जो भी देश या संस्था ईरान के लिए आर्थिक रास्ता खुला रखेगी, उस पर अमेरिका की नजर रहेगी.
ट्रंप ने बताया कि उनके प्रशासन ने ईरान को समझौते का कई बार मौका दिया, लेकिन तेहरान ने इसे स्वीकार नहीं किया. इसी वजह से अब अमेरिका आर्थिक दबाव और बढ़ाने जा रहा है. उन्होंने इसे अभूतपूर्व स्तर की आर्थिक लड़ाई और अलगाव बताया. उन्होंने अमेरिकी सहयोगी देशों से भी अपील की कि वे ईरान को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था से अलग करने में साथ दें. ट्रंप का दावा है कि ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है और नए कदम उसकी कमर तोड़ देंगे. इससे ईरान के लिए दुनिया भर में कारोबार करना बहुत मुश्किल हो जाएगा.
ट्रंप ने कहा कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा. उनकी चेतावनी सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है. निशाना उन देशों, कंपनियों और संस्थाओं पर भी है जो ईरान के साथ आर्थिक संबंध बनाए रखते हैं.