सर्बिया के पूर्व राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने एक पॉडकास्ट के दौरान दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को 'आसमान की बुलंदियों' पर पहुंचाया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी महात्मा गांधी के विचारों पर चलते हैं और उन्होंने भारत को एक वैश्विक शक्ति बनाया है. हालांकि, वुसिक ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन कोशिशों के पीछे कौन शामिल है.
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पीएम मोदी ने सरकार के प्रमुख के रूप में अपनी सेवा के 25 वर्ष पूरे किए हैं. वुसिक ने X पर पीएम मोदी को बधाई देते हुए लिखा कि बहुत कम लोग देश सेवा में एक चौथाई सदी समर्पित कर पाते हैं. उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक के उनके कार्यकाल की सराहना की.
‘He Raised India To The Heavens’: Serbia’s Vučić Praises PM Modi Speaking about what he called a global trend of attempts to undermine leaders, the Serbian leader singled out PM Modi, saying he had made India a major global power and “accomplished huge things.” 📹 Predizborni Program
— RT_India (@RT_India_news) October 7, 2026
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके नेताओं ने पूर्व सर्बियाई राष्ट्रपति के इस बयान को हाथों-हाथ लिया. भाजपा ने इसे पीएम मोदी के मजबूत नेतृत्व की वैश्विक पुष्टि के रूप में प्रस्तुत किया. पार्टी प्रवक्ता संजू वर्मा ने कहा कि वुसिक का यह बयान भारतीय मतदाताओं द्वारा दिए गए जनादेश को कमजोर करने की कोशिशों को उजागर करता है.
दोनों नेताओं के बीच रक्षा और विनिर्माण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है. इस वर्ष फरवरी में आयोजित 'एआई इम्पेक्ट समिट' के दौरान दोनों नेताओं की द्विपक्षीय मुलाकात हुई थी. इससे पहले वुसिक ने 2017 में 'वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट' में भी भाग लिया था.
अपने सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से "हम यह करेंगे" का दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए चार प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए.
इन लक्ष्यों में भारत को दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना, देश को आत्मनिर्भर वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना, ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दावेदारी को मजबूत करना और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की उपस्थिति को और अधिक विस्तार देना शामिल है.