Elephant Floating Video: उत्तराखंड में इन दिनों भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. इस बीच, अल्मोड़ा जिले की कोशी नदी से एक दिल दहलाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें दो विशालकाय हाथी तेज बहाव में बहते नजर आ रहे हैं. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों हाथी नदी के बीचोबीच जूझ रहे हैं. यह वीडियो देखकर हर कोई हैरान रह गया. गनीमत रही लंबी जद्दोजहद के बाद दोनों हाथी सुरक्षित किनारे पर पहुंच गए.
भारी बारिश ने न केवल मानव जीवन को प्रभावित किया है, बल्कि वन्यजीवों के लिए भी यह संकट बनकर आई है. कोशी नदी में हाल ही में एक मरा हुआ तेंदुआ बहता दिखाई दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बारिश के चलते जंगलों और नदियों के आसपास रहने वाले जानवरों का जीवन खतरे में है.
बरसो से ऐसी बरसात नहीं देखी, जिम कॉर्बेट के पास कोसी नदी में दो हाथी भी बह गए। पानी की मात्रा और वेग इतना अधिक था कि मुश्किल से किनारे लगे। #nainital #jimcorbett #ramnagar pic.twitter.com/q07d1jFDXH
— Ajit Singh Rathi (@AjitSinghRathi) September 2, 2025Also Read
हल्द्वानी में जलभराव की गंभीर स्थिति
कुमाऊं मंडल, विशेषकर हल्द्वानी, में पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है. दमुवाढुंगा वन चौकी और चौफुला चौराहा जैसे क्षेत्रों में नाले उफान पर हैं, जिसके कारण पानी सड़कों और आसपास के घरों में घुस गया है. लालकुआं रेलवे स्टेशन के यार्ड और ट्रैक पर भी बारिश का पानी जमा हो गया है, जिससे रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं.
आपदा जैसे हालात, प्रशासन सतर्क
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण आपदा जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं. भूस्खलन और बाढ़ से कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि अनेक घर तबाह हो गए हैं. रुद्रप्रयाग में प्रशासन नदी के जलस्तर की जानकारी प्रसारित कर लोगों को सतर्क कर रहा है और नदी किनारे जाने से मना कर रहा है. पिथौरागढ़ के धारचूला में काली नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, जिससे भूकटाव का खतरा बढ़ गया है. लोगों में दहशत का माहौल है.
स्कूलों में अवकाश, सुरक्षा के निर्देश
भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है. उत्तराखंड में यह बारिश न केवल मानव जीवन, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए भी एक बड़ा खतरा बनकर उभरी है.