भारत की सैन्य विरासत में फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ का नाम अद्वितीय सम्मान के साथ लिया जाता है. 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में उनके नेतृत्व ने भारतीय सेना को ऐतिहासिक विजय दिलाई और देश के सैन्य इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा. उनकी पुण्यतिथि पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि, 'देश उनके अतुलनीय योगदान और मातृभूमि के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखेगा.
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 के भारत पाक युद्ध में सैम मानेकशॉ ने असाधारण नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया था. उनकी रणनीति, दूरदर्शिता और दृढ़ निर्णयों के कारण भारतीय सेना ने निर्णायक जीत हासिल की, जिसे देश के सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी सफलताओं में गिना जाता है.
1971 के भारत-पाक युद्ध में भारत को ऐतिहासिक विजय दिलाने वाले महान सेनानायक, भारतीय सेना के प्रथम फील्ड मार्शल एवं पद्म विभूषण से सम्मानित सैम मानेकशॉ जी की पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन।
आपका अद्वितीय नेतृत्व, अदम्य साहस, दूरदर्शिता और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण आने वाली पीढ़ियों… pic.twitter.com/w1RSmAi6qbAlso Read
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 27, 2026
धामी ने कहा कि सैम मानेकशॉ केवल एक कुशल सैन्य अधिकारी ही नहीं थे, बल्कि वे अदम्य साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक भी थे. चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनके नेतृत्व ने भारतीय सेना का मनोबल बढ़ाया और देश की सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान की.
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सैम मानेकशॉ का जीवन राष्ट्रसेवा, समर्पण और उत्कृष्ट नेतृत्व का आदर्श उदाहरण है. उनका व्यक्तित्व युवाओं को देश के प्रति कर्तव्य निभाने और हर चुनौती का साहसपूर्वक सामना करने की प्रेरणा देता रहेगा.
धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ का योगदान भारतीय इतिहास में सदैव अमर रहेगा. उनका शौर्य, दूरदर्शी नेतृत्व और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा और देश हमेशा उनके प्रति कृतज्ञ रहेगा.