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उत्तराखंड में बनेंगे 2 साहित्य ग्राम! CM धामी का बड़ा ऐलान, साहित्यिक पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

उत्तराखंड सरकार ने साहित्यिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो साहित्य ग्राम स्थापित करने की योजना पर काम तेज कर दिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साहित्यकारों से संवाद कर साहित्य संरक्षण, सम्मान और नई पीढ़ी को लेखन से जोड़ने पर जोर दिया.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
उत्तराखंड में बनेंगे 2 साहित्य ग्राम! CM धामी का बड़ा ऐलान, साहित्यिक पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
Courtesy: ANI

उत्तराखंड में साहित्य और संस्कृति को नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम पहल शुरू की है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ लेखकों और साहित्यकारों के साथ संवाद करते हुए दो साहित्य ग्राम स्थापित करने की घोषणा की. सरकार का उद्देश्य साहित्यिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना है. इस पहल के जरिए लेखकों को प्रोत्साहन मिलेगा और युवाओं में पढ़ने तथा लेखन की संस्कृति को भी मजबूत किया जाएगा.

साहित्य ग्राम की योजना पर तेज हुआ काम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में साहित्यिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो साहित्य ग्राम विकसित किए जाएंगे. इन केंद्रों के माध्यम से साहित्य, संस्कृति और पर्यटन को एक मंच पर लाने की योजना है. सरकार चाहती है कि देश और विदेश से आने वाले लोग उत्तराखंड की साहित्यिक विरासत को भी करीब से जान सकें.

लेखकों को मिलेगा सम्मान और प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं. उनके सम्मान के लिए साहित्य गौरव सम्मान और दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान जैसी योजनाएं पहले से संचालित हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार भविष्य में भी लेखकों और रचनाकारों को हरसंभव सहयोग देती रहेगी.

पुराने साहित्य के संरक्षण पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड भाषा संस्थान पुराने, बिखरे और अप्रकाशित साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन का कार्य कर रहा है. इससे प्रदेश की साहित्यिक धरोहर सुरक्षित रहेगी. उन्होंने कहा कि यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों को राज्य के समृद्ध साहित्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

युवाओं में पढ़ने की संस्कृति विकसित करने की पहल

संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान और संस्कार का मजबूत आधार होती हैं. उन्होंने नई पीढ़ी में अध्ययन और लेखन की आदत विकसित करने की आवश्यकता बताई. इस दौरान साहित्यकारों ने अपनी पुस्तकें मुख्यमंत्री को भेंट कीं और उन्होंने सभी लेखकों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा भी की.

पुस्तक दान अभियान को मिला सहयोग

हरेला पर्व के अवसर पर चलाए जा रहे 1000 पुस्तक दान अभियान को भी मुख्यमंत्री ने समर्थन दिया. उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लेखकों की 50 पुस्तकें खरीदकर रुद्रप्रयाग के सार्वजनिक पुस्तकालय को उपलब्ध कराने की घोषणा की. सरकार का मानना है कि ऐसे प्रयासों से पुस्तकालयों को मजबूती मिलेगी और पढ़ने की संस्कृति को नया विस्तार मिलेगा.