उत्तराखंड कांग्रेस में लंबे समय से लंबित प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर अब सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं. पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के बीच माना जा रहा है कि संगठन की नई टीम जल्द ही सामने आ सकती है. प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की दिल्ली में पार्टी महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा से हुई मुलाकात के बाद इस संभावना को और बल मिला है.
सूत्रों के अनुसार प्रदेश कार्यकारिणी के नामों को लेकर शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर लगभग सहमति बन चुकी है. यदि सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार रहा तो अगले दो से तीन दिनों के भीतर नई कार्यकारिणी की घोषणा की जा सकती है.
पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार कार्यकारिणी का आकार अपेक्षाकृत छोटा रखा जाएगा. हालांकि, संगठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है. राज्य के सभी जिलों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है ताकि संगठन का ढांचा व्यापक और प्रभावी बन सके. कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित होने से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा और संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलेगी.
राज्य में कांग्रेस लंबे समय से वापसी की कोशिश कर रही है. वर्ष 2017 के बाद से पार्टी लगातार मजबूत राजनीतिक विकल्प बनने की रणनीति पर काम कर रही है. आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की योजना बनाई है. हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के कई महीने बाद भी कार्यकारिणी का गठन नहीं होने से संगठनात्मक गतिविधियां प्रभावित हुई थीं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई टीम के गठन में हुई देरी का असर पार्टी की चुनावी तैयारियों पर भी पड़ा है.
जानकारी के अनुसार प्रदेश कार्यकारिणी के संभावित सदस्यों की सूची काफी समय पहले पार्टी हाईकमान को भेजी जा चुकी थी. इसके बाद विभिन्न स्तरों पर विचार-विमर्श और संतुलन साधने की प्रक्रिया जारी रही. अब अधिकांश नामों पर सहमति बनने के बाद घोषणा का रास्ता साफ माना जा रहा है.
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि नई कार्यकारिणी के गठन के बाद संगठनात्मक जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा होगा और चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने में आसानी होगी. प्रदेश भर के कांग्रेस कार्यकर्ता नई कार्यकारिणी की घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. संगठन में नई जिम्मेदारियों और नए चेहरों को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं. माना जा रहा है कि नई टीम के गठन के साथ ही कांग्रेस राज्य में अपने जनसंपर्क अभियान और चुनावी गतिविधियों को और अधिक तेज करेगी.