लोअर सुबनसिरी: अरुणाचल प्रदेश के दो जिलों में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है. लोअर सुबनसिरी और केई पन्योर जिलों में अचानक आई बाढ़ से कई गांव पानी में डूब गए. घरों को नुकसान पहुंचा, खेत और बागान बर्बाद हो गए तथा कई महत्वपूर्ण पुल और सड़कें बह गईं. मौसम केंद्र इटानगर के अनुसार, लोअर सुबनसिरी जिले के याजली इलाके में 24 घंटे में 72.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.
सबसे खतरनाक बात यह थी कि यह सारी बारिश सिर्फ 3 घंटे (सुबह 6 बजे से 9 बजे) के अंदर हुई. इतनी तेज बारिश से नदियां अचानक उफान पर आ गईं और आसपास के इलाकों में पानी भर गया.
टोरू सर्किल के अंतर्गत लुक्सिन गांव और यियी-1 व यियी-2 गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. सुबह 6:30 बजे के बाद अचानक पानी घरों में घुस गया. लुक्सिन गांव में दुखुम आदि का घर और कई अन्य मकान क्षतिग्रस्त हो गए. अनानास, केला और संतरे के बागान भी पानी में बह गए. यियी गांव में बाढ़ का पानी इतना तेज आया कि पूरे इलाके को पानी ने घेर लिया. स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालकर पड़ोस के घरों में शिफ्ट किया गया. अभी तक किसी की मौत या गंभीर चोट की खबर नहीं है.
BREAKING: Heavy rainfall and flash flooding have caused significant destruction at the NEEPCO Colony in Posa, Yazali, Keyi Panyor District, Arunachal Pradesh, India.
— Weather Monitor (@WeatherMonitors) June 24, 2026
According to the information so far, 15 quarters were destroyed and the main highway bridge was washed away. pic.twitter.com/PUnhvPkbl0
बाढ़ सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं रही. केई पन्योर जिले के पॉसा याजली में NEEPCO कॉलोनी भी बुरी तरह प्रभावित हुई. यहां 15 आवासीय क्वार्टर पूरी तरह नष्ट हो गए. एक बड़ा हाईवे ब्रिज भी पानी के तेज बहाव में बह गया, जिससे इलाके की कनेक्टिविटी बाधित हो गई है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थिति थी. पहाड़ी इलाके में छोटे समय में बहुत ज्यादा बारिश होने से पानी तेजी से नीचे की ओर बहता है, जिससे अचानक बाढ़ आ जाती है.
भारत मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों में अरुणाचल प्रदेश में और बारिश हो सकती है. मिट्टी पहले से गीली होने और नदियों में पानी बढ़ने की वजह से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है. जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां नदियों के जल स्तर पर लगातार नजर रखे हुए हैं. स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं.