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हरियाणा के नूंह गांव में युवाओं ने तोड़े 55 स्मार्टफोन, साइबर अपराध से दूरी बनाने की अनोखी पहल

हरियाणा के नूंह जिले के सुखपुरी गांव में युवाओं ने साइबर अपराध और मोबाइल की लत से दूरी बनाने के लिए 55 स्मार्टफोन तोड़ दिए. चलिए जानते हैं वहां की पंचायत ने क्या फैसला लिया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
हरियाणा के नूंह गांव में युवाओं ने तोड़े 55 स्मार्टफोन, साइबर अपराध से दूरी बनाने की अनोखी पहल
Courtesy: @MukAn_X X Account

नूंह: हरियाणा के नूंह जिले के सुखपुरी गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में गांव के कुछ युवा महंगे स्मार्टफोन को पत्थरों से तोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं. यह कदम किसी गुस्से या विरोध के कारण नहीं, बल्कि साइबर अपराध और मोबाइल की लत से दूर रहने के संकल्प के रूप में उठाया गया.

जानकारी के अनुसार, गांव में पंचायत ने स्मार्टफोन के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है. इसके बाद युवाओं ने प्रतीकात्मक रूप से अपने 55 स्मार्टफोन तोड़ दिए और भविष्य में केवल कीपैड फोन इस्तेमाल करने की शपथ ली. युवाओं का कहना है कि वे अब अपराध से दूर रहकर ईमानदारी और मेहनत के साथ जीवन जीना चाहते हैं.

पुलिस अधिकारियों ने क्या बताया?

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक नूंह के पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने हाल ही में अपराध में शामिल लोगों को मुख्यधारा में लौटने और कानून का पालन करने के लिए एक जागरूकता अभियान शुरू किया था. इसी अभियान से प्रेरित होकर गांव के युवाओं ने यह अनोखी पहल की.

कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने अपराध से जुड़े पुराने संबंधों और गतिविधियों को छोड़ने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि वे समाज में सकारात्मक भूमिका निभाना चाहते हैं और दूसरों के लिए भी उदाहरण बनना चाहते हैं.

डीएसपी अभिषेक खटकर ने क्या बताया?

डीएसपी अभिषेक खटकर ने बताया कि यह घटना पिछले सप्ताह पंचायत के निर्णय के बाद हुई. गांव के निवासी आसफ अली ने कहा कि यह एक प्रतीकात्मक कदम है. उनका मानना है कि यदि युवा स्मार्टफोन से दूरी बनाएंगे तो वे साइबर अपराध में शामिल होने से भी बचेंगे.

इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे. उन्होंने युवाओं के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि उन्हें सुधार और पुनर्वास का अवसर देना भी है. पुलिस ने ऐसे लोगों को हर संभव सहायता देने का भरोसा भी दिया जो अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं.

गांव के सरपंच ने क्या कहा?

गांव के सरपंच ने बताया कि इस पहल को पूरे समुदाय का समर्थन मिला है. ग्रामीणों ने युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक कार्यों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया है. नूंह जिला लंबे समय से साइबर अपराध को लेकर चर्चा में रहा है. अधिकारियों के अनुसार जिले के करीब 60 गांव साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किए गए हैं. 

देशभर में दर्ज होने वाले कई साइबर अपराध मामलों का संबंध नूंह से जुड़ा पाया गया है. पुलिस का कहना है कि बेरोजगारी, गरीबी और सस्ते स्मार्टफोन के आसान उपयोग ने कई युवाओं को ऑनलाइन ठगी और फिशिंग जैसे अपराधों की ओर आकर्षित किया.