देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चंपावत स्थित प्रसिद्ध गोलू देवता मंदिर की महत्ता पर जोर देते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अपील की है. सीएम धामी ने ट्वीट कर कहा कि यह मंदिर अनेक श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है.
धामी ने लिखा- 'जनपद चंपावत स्थित गोलू देवता मंदिर अनेक श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है. न्याय के देवता के रूप में पूजे जाने वाले गोलू देवता के दरबार में भक्त अपनी मनोकामनाएं और प्रार्थनाएं लेकर पहुंचते हैं. अपने चंपावत आगमन पर गोलू देवता मंदिर के दर्शन अवश्य करें.'
उत्तराखंड की संस्कृति और लोक आस्था में गोलू देवता का विशेष स्थान है. इन्हें न्याय का देवता माना जाता है. मान्यता है कि गोलू देवता भक्तों की सच्ची प्रार्थनाएं सुनते हैं और उनके मनोरथ पूरे करते हैं. खासकर न्याय, सत्य और सही फैसले के लिए लोग यहां दूर-दूर से आते हैं.
जनपद चंपावत स्थित श्री गोलू देवता मंदिर अनेक श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। न्याय के देवता के रूप में पूजे जाने वाले श्री गोलू देवता के दरबार में भक्त अपनी मनोकामनाएं और प्रार्थनाएं लेकर पहुंचते हैं। अपने चंपावत आगमन पर श्री गोलू देवता मंदिर के दर्शन अवश्य… pic.twitter.com/BifVSPEvss
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 23, 2026Also Read
मंदिर में भक्त चीनी की मिठाई, घंटियां, लाल कपड़े और अन्य वस्तुएं चढ़ाते हैं. कई लोग अपनी समस्याओं को लिखकर यहां रखते हैं. कहते हैं कि गोलू देवता की कृपा से कई असंभव काम भी संभव हो जाते हैं. चंपावत जिले में स्थित यह मंदिर पूरे कुमाऊं क्षेत्र में बहुत प्रसिद्ध है. हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं.
सीएम धामी का यह ट्वीट धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अच्छा कदम माना जा रहा है. उत्तराखंड सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और संरक्षण पर लगातार काम कर रही है. मुख्यमंत्री अक्सर खुद मंदिरों में दर्शन करते हैं और जनता को भी इन पवित्र स्थानों पर जाने के लिए प्रेरित करते हैं.
गोलू देवता मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र है बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी मजबूती देता है. यहां आने वाले श्रद्धालु आसपास के प्राकृतिक नजारे भी देखते हैं. घने जंगल, पहाड़ी रास्ते और शांत वातावरण भक्तों को आकर्षित करता है.