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उत्तराखंड के नाम एक और बड़ी उपलब्धि, मिला देश के छठवें पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा

उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश का छठवां पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत राज्य ने 98.7 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल की.

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Edited By: Reepu Kumari
उत्तराखंड के नाम एक और बड़ी उपलब्धि, मिला देश के छठवें पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा
Courtesy: Pinterest

उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत राज्य ने निर्धारित वयस्क साक्षरता मानकों को पूरा करते हुए पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा हासिल कर लिया है. इस उपलब्धि के साथ उत्तराखंड अब देश का छठवां पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है. 18 जून को राज्य कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इसके बाद बुधवार को लोक भवन से भी उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने की स्वीकृति मिल गई. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी.

98.7 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ मिली पहचान

उत्तराखंड ने वयस्क साक्षरता के निर्धारित मानकों से आगे बढ़ते हुए 98.7 प्रतिशत साक्षरता दर दर्ज की है. इस उपलब्धि के बाद राज्य ने मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के बाद देश का छठवां पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव हासिल किया है. यह सफलता राज्य के शिक्षा अभियान की प्रभावशीलता को भी दर्शाती है.

उल्लास कार्यक्रम से हुई निरक्षरों की पहचान

राज्य में 'उल्लास' यानी अंडरस्टैंडिंग लाइफलांग लर्निंग फॉर ऑल इन सोसायटी कार्यक्रम के तहत पहले निरक्षर लोगों की पहचान की गई. साक्षरता गणना में छह वर्ष तक के बच्चों को शामिल नहीं किया गया. सात वर्ष से अधिक आयु की आबादी एक करोड़ 23 लाख 46 हजार आंकी गई, जिसमें केवल एक लाख 31 हजार 986 लोग निरक्षर पाए गए.

सिर्फ 1.3 प्रतिशत रही निरक्षरता

सर्वेक्षण के अनुसार राज्य में निरक्षरता दर केवल 1.3 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि साक्षरता दर 98.7 प्रतिशत तक पहुंच गई. यही उपलब्धि उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य की श्रेणी में लेकर आई. शिक्षा विभाग का कहना है कि यह परिणाम लगातार चलाए गए जागरूकता और साक्षरता अभियानों का नतीजा है.

शिक्षा विभाग ने आगे का लक्ष्य भी तय किया

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है. वहीं शिक्षा सचिव रविनाथ रामन और शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कौंडे ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और आजीवन शिक्षा पहुंचाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा.

डिजिटल और वित्तीय साक्षरता पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूर्ण साक्षर राज्य घोषित होना उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर है. उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय सरकार के प्रयासों और प्रदेशवासियों की सक्रिय भागीदारी को दिया. उन्होंने कहा कि अब डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, सतत शिक्षा और जीवनोपयोगी कौशल को प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी.