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नैनीताल जाने वालों के लिए खुशखबरी, काठगोदाम से सड़क होगी चौड़ी, 33 करोड़ के बजट को मिली मंजूरी

काठगोदाम से नैनीताल के रूसी बैंड तक सड़क चौड़ी करने का काम आगे बढ़ रहा है. इस परियोजना के लिए दस गांवों की करीब आठ हेक्टेयर जमीन ली जाएगी. कुल 8.3277 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की योजना है. इसके बदले प्रभावित लोगों को लगभग 33.72 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे.

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Edited By: Antima Pal
नैनीताल जाने वालों के लिए खुशखबरी, काठगोदाम से सड़क होगी चौड़ी, 33 करोड़ के बजट को मिली मंजूरी
Courtesy: grok

हल्द्वानी: काठगोदाम से नैनीताल के रूसी बैंड तक सड़क चौड़ी करने का काम आगे बढ़ रहा है. इस परियोजना के लिए दस गांवों की करीब आठ हेक्टेयर जमीन ली जाएगी. कुल 8.3277 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की योजना है. इसके बदले प्रभावित लोगों को लगभग 33.72 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे.

नैनीताल जाने वालों के लिए खुशखबरी

राष्ट्रीय राजमार्ग हल्द्वानी डिवीजन के अनुसार पिछले छह महीनों में सत्यापन के बाद 10.82 करोड़ रुपये सीधे ग्रामीणों के बैंक खातों में पहुंच चुके हैं. पांच करोड़ रुपये के और मुआवजे की फाइल भी तैयार हो गई है. चिन्हित जमीन में निजी और सरकारी दोनों तरह की संपत्ति शामिल है.

काठगोदाम से सड़क होगी चौड़ी

यह काम 2017 से चल रहा है. शुरू में काठगोदाम से नैनीताल तक 34 किलोमीटर सड़क चौड़ी करने का प्रस्ताव था. बाद में इसे संशोधित कर रूसी बैंड तक 26 किलोमीटर कर दिया गया. परियोजना की अंतिम विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) 600.85 करोड़ रुपये की है, जो नोडल ऑफिस देहरादून को भेज दी गई है.

सड़क चौड़ीकरण के लिए वन भूमि, निजी जमीन और सरकारी स्वामित्व वाली जगहें भी ली जानी हैं. सर्वेक्षण में पता चला कि दस गांवों की आठ हेक्टेयर से ज्यादा जमीन की जरूरत होगी. कई घर और मकान भी इस प्रोजेक्ट की सीमा में आ रहे हैं.

हल्द्वानी डिवीजन के कार्यकारी अभियंता महेंद्र कुमार ने बताया कि सत्यापन के बाद मुआवजा राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर की जाती है. प्रभावित गांवों में काठगोदाम, रानीबाग, मोरा दोगड़ा, डोलमार, ज्योली, चोपड़ा, बल्यूटी, ज्योलीकोट और बेलुवाखान शामिल हैं. सर्वे के बाद कुल 217 लोगों को प्रभावित चिन्हित किया गया है.

यह सड़क चौड़ीकरण स्थानीय यातायात को सुगम बनाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है. लंबे समय से चली आ रही प्रक्रिया अब मुआवजा वितरण के चरण में पहुंच चुकी है. अधिकारियों का कहना है कि बाकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है. प्रभावित परिवारों को समय पर पूरा मुआवजा मिलने पर जोर दिया जा रहा है.