उत्तराखंड के लिए मंगलवार का दिन कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ बनकर टूटा. राज्य के अलग-अलग जिलों में हुए सड़क हादसों, नदी में डूबने की घटनाओं और एक भीषण बस दुर्घटना ने कुल 11 लोगों की जान ले ली. इन घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है और कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है.
अल्मोड़ा, नैनीताल, देहरादून, टिहरी और कुमाऊं क्षेत्र में हुई विभिन्न दुर्घटनाओं में युवाओं, मजदूरों और एक पुलिस अधिकारी समेत कई लोगों की मौत हो गई. पुलिस और राहत टीमों ने सभी घटनास्थलों पर पहुंचकर बचाव एवं जांच कार्य शुरू कर दिया है.
अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र में दो युवक कोसी नदी में नहाने के दौरान डूब गए. दोनों अपने दोस्तों के साथ घूमने निकले थे. काफी देर तक नदी से बाहर नहीं आने पर साथियों ने पुलिस को सूचना दी. वहीं रामनगर में भी एक युवक की नदी में बहने से मौत हो गई. पुलिस की टीम ने तलाश अभियान चलाकर शव बरामद किए.
राजधानी देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में एक तेज रफ्तार सिटी बस नियंत्रण खो बैठी और फुटपाथ पर बैठे मजदूरों को टक्कर मार दी. हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है.
कुमाऊं मंडल में कई सड़क दुर्घटनाओं ने पांच लोगों की जिंदगी छीन ली. कालाढूंगी क्षेत्र में एक हादसे में अग्निशमन विभाग के फायरमैन और एक महिला की मौत हो गई. रानीखेत क्षेत्र में कार के खाई में गिरने से दो लोगों की जान चली गई. इसके अलावा पुलभट्टा क्षेत्र में एक डंपर की टक्कर से एक पेंटर की मौत हो गई.
इसके अलावा टिहरी जिले की शिवपुरी पुलिस चौकी के प्रभारी विनोद शर्मा भी एक सड़क हादसे का शिकार हो गए. वह ड्यूटी के दौरान अपनी कार से गश्त पर निकले थे, तभी गाड़ी ने अपना काबू खो दिया और गहरी खाई में जा गिरा. सूचना मिलने पर पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.
लगातार हुई इन दुखद घटनाओं के बाद प्रदेश में शोक का माहौल है. प्रशासन ने सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है और लोगों से बरसात के मौसम में नदी नालों तथा पहाड़ी सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है.