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'आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं...', कर्णप्रयाग-नगरासू प्रकरण में दोषियों पर सीएम धामी ने दिखाई सख्ती; दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर्णप्रयाग और नगरासू प्रकरण में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या आस्था को ठेस पहुंचाने वाले कार्य स्वीकार नहीं किए जाएंगे.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं...', कर्णप्रयाग-नगरासू प्रकरण में दोषियों पर सीएम धामी ने दिखाई सख्ती; दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
Courtesy: Pinterest

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आए मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में ऐसा कोई कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे किसी व्यक्ति की गरिमा या किसी धर्म और आस्था को ठेस पहुंचे.

मंगलवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार, प्रशासन और पुलिस सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं. अब तक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और आगे भी जांच के निष्कर्षों के अनुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को क्या दिया निर्देश?

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत है तथा उन्हें किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने आगे क्या बताया?

मुख्यमंत्री ने बताया कि चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है और अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. वहीं हेमकुंड साहिब यात्रा में भी इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. शुरुआती दिनों में ही पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 हजार अधिक श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं.

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सिख धर्म से जुड़े तीन प्रमुख आस्था केंद्र हेमकुंड साहिब, रीठा साहिब और नानकमता साहिब स्थित हैं, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. सभी श्रद्धालुओं का सम्मान करना देवभूमि की संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

सीएम धामी ने क्या दी चेतावनी?

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक एवं भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों को भी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि समाज और समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने वाले प्रयास स्वीकार नहीं किए जाएंगे. ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सीएम धामी ने कहा कि संवाद, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण वातावरण ही किसी भी समस्या का समाधान है. राज्य सरकार सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है.

बैठक में बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.