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India Daily

गंगा में नहाते समय डूब गया टेक प्रोफेशनल, बचाने के लिए गए पड़ोसी की भी गई जान; दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

गाजियाबाद के दो पड़ोसी हरिद्वार गए थे. इस दौरान घटी घटना ने दोनों परिवार को सदमें में डाल दिया. जानकारी के मुताबिक एक व्यक्ति के डूबने पर दूसरा व्यक्ति उसे बचाने गया था, इसी दौरान डूबने से दोनों की मौत हो गई.

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Edited By: Shanu Sharma
गंगा में नहाते समय डूब गया टेक प्रोफेशनल, बचाने के लिए गए पड़ोसी की भी गई जान; दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
Courtesy: Grok AI

गंगा स्नान के दो पड़ोसी गाजियाबाद से हरिद्वार पहुंचे थे. हालांकि इस दौरान घटी घटना ने दोनों परिवार की जिंदगी बदल दी. मिल रही जानकारी के मुताबिक गंगा स्नान के दौरान सचिन त्यागी गंगा में डूब गए और उन्हें बचाने गए उनके पड़ोसी बृजेश कुमार त्रिपाठी भी नदी की तेज धारा में बह गए. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. 

सचिन त्यागी और बृजेश त्रिपाठी गंगा में डुबकी लगाने गए थे. अचानक सचिन त्यागी फिसलकर गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में फंस गए. उन्हें बचाने के लिए बृजेश कुमार त्रिपाठी भी तुरंत पानी में कूद पड़े. कुछ ही पलों में दोनों गहरे पानी में खिंचते चले गए और नजरों से ओझल हो गए.

क्या है पूरा मामला?

मिल रही जानकारी के मुताबिक सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. एक घंटे से अधिक समय तक चले अभियान के बाद दोनों शवों को नदी से बाहर निकाला गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां पहले एक व्यवस्थित घाट था. लेकिन समय के साथ मिट्टी जमा होने से नदी का तल बदल गया है. अब गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है, जिसकी वजह से कई बार ऐसे हादसे हो जाते हैं.

सचिन त्यागी और बृजेश त्रिपाठी गाजियाबाद की एक ही रिहायशी सोसाइटी में एक ही टावर में रहते थे. दोनों परिवार दो दिन पहले यात्रा पर निकले थे. सचिन त्यागी अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ इनोवा कार से गए, जबकि बृजेश त्रिपाठी का परिवार क्रेटा कार से यात्रा पर था. शाम तक दोनों परिवार लौटने वाले थे, लेकिन उनकी मौत की खबर ने पूरे सोसाइटी को सदमे में डाल दिया.

पूरे सोसाइटी में दुख का माहौल

सचिन त्यागी निर्माण के कारोबार से जुड़े थे. वे अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ रहते थे. उनके माता-पिता बड़े भाई के साथ पास की ही दूसरी सोसाइटी में रहते हैं. बृजेश कुमार त्रिपाठी गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी करते थे. वे भी अपने परिवार के साथ सोसाइटी में रहते थे. एक स्थानीय निवासी रविंद्र त्यागी ने बताया कि दोनों परिवार बेहद करीबी थे और एक साथ यात्रा पर गए थे. इसलिए यह क्षति पूरे समुदाय के लिए और भी दर्दनाक है. इस घटना ने ना केवल दो परिवार बल्कि पूरी सोसाइटी को सदमे में डाल दिया है.