menu-icon
India Daily

Sawan 2026: क्या आपने देखे हैं ऋषिकेश के ये चमत्कारी शिव मंदिर? कहते हैं यहां दर्शन से पूरी होती है हर मनोकामना

30 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू होने जा रहा है. ऐसे में भगवान शिव की आराधना के लिए ऋषिकेश के प्राचीन शिव मंदिर श्रद्धालुओं की पहली पसंद बनते हैं.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
Sawan 2026: क्या आपने देखे हैं ऋषिकेश के ये चमत्कारी शिव मंदिर? कहते हैं यहां दर्शन से पूरी होती है हर मनोकामना
Courtesy: Pinterest

Sawan 2026: 30 जुलाई से भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना सावन शुरू होने जा रहा है. इस दौरान देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. देवभूमि उत्तराखंड का ऋषिकेश भी ऐसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल है, जहां सावन में लाखों भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. ऋषिकेश में स्थित प्राचीन शिव मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध हैं. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने पर भगवान शिव भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. आइए जानते हैं ऋषिकेश के उन प्रमुख शिव मंदिरों के बारे में, जिनका सावन में विशेष महत्व माना जाता है.

भूतनाथ और चंद्रेश्वर महादेव में उमड़ती है आस्था

गंगा नदी के किनारे स्थित भूतनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित प्रमुख प्राचीन मंदिरों में शामिल है. मान्यता है कि भगवान शिव विवाह के लिए काशी जाते समय यहां रुके थे. वहीं चंद्रभागा और गंगा के संगम के पास स्थित चंद्रेश्वर महादेव मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां चंद्रदेव ने भगवान शिव की तपस्या कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया था. सावन और महाशिवरात्रि में यहां विशेष पूजा होती है.

सोमेश्वर और वीरभद्र महादेव की अलग पहचान

सोमेश्वर महादेव मंदिर गंगा तट पर स्थित है. मान्यता है कि चंद्रदेव ने यहां भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी. वहीं वीरभद्र महादेव मंदिर भगवान शिव के उग्र स्वरूप वीरभद्र को समर्पित है. कहा जाता है कि दक्ष यज्ञ के प्रसंग से इस मंदिर का विशेष संबंध है. सावन के दौरान दोनों मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है.

बनखंडी और गौरी शंकर महादेव का शांत वातावरण

घने जंगलों के बीच स्थित बनखंडी महादेव मंदिर अपनी आध्यात्मिक शांति के लिए जाना जाता है. मान्यता है कि यहां ऋषि-मुनियों ने तपस्या की थी. वहीं गौरी शंकर महादेव मंदिर भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है. श्रद्धालु यहां सुख, समृद्धि और पारिवारिक मंगल की कामना के साथ पूजा-अर्चना करते हैं.

अखिलेश्वर महादेव मंदिर की विशेष मान्यता

गंगा तट पर स्थित श्री सच्चा अखिलेश्वर महादेव मंदिर भी श्रद्धालुओं के बीच खास पहचान रखता है. यहां उत्तराखंड का लगभग 11 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित है. सावन के दौरान मंदिर में विशेष पूजा, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं. बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां भगवान शिव का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं.

सावन में बढ़ जाता है इन मंदिरों का धार्मिक महत्व

सावन के पूरे महीने ऋषिकेश के इन प्राचीन शिव मंदिरों में सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है. प्राकृतिक वातावरण, गंगा तट और धार्मिक मान्यताएं इन मंदिरों को और विशेष बनाती हैं. अगर आप भी सावन में भगवान शिव के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो ऋषिकेश के ये प्राचीन शिव मंदिर आपकी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं.

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.  theindiadaily.com  इन जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.