नई दिल्ली: भारत में इन दिनों मानसून का असर देखने को मिल रहा है. कहीं झमाझम बारिश हो रही है तो कहीं उमस लोगों को परेशान कर रही है. लेकिन इसी धरती पर एक ऐसी जगह भी मौजूद है, जहां मौसम कभी सामान्य नहीं होता. यहां सालभर बर्फ जमी रहती है और तापमान हमेशा शून्य से नीचे रहता है. इसके बावजूद हजारों लोग वहां रहकर काम करते हैं. यह जगह अंटार्कटिका है, जिसे दुनिया का सबसे ठंडा महाद्वीप माना जाता है. बेहद कठिन मौसम और बर्फीले वातावरण के बावजूद यहां कई देशों के रिसर्च स्टेशन संचालित होते हैं. यही वजह है कि हर साल वैज्ञानिकों के अलावा कई अन्य पेशेवर कर्मचारियों की भी जरूरत पड़ती है. इच्छुक उम्मीदवार तय प्रक्रिया के जरिए इन नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं.
अंटार्कटिका का औसत वार्षिक तापमान तटीय क्षेत्रों में लगभग -10 डिग्री सेल्सियस और अंदरूनी इलाकों में करीब -60 डिग्री सेल्सियस तक रहता है. यहीं पर करीब -90 डिग्री सेल्सियस का तापमान भी दर्ज किया जा चुका है, जिसे धरती का सबसे कम रिकॉर्ड किया गया तापमान माना जाता है. इतनी भीषण ठंड के बावजूद यहां रिसर्च और संचालन का काम लगातार जारी रहता है.
अंटार्कटिका में पूरे साल लोगों की मौजूदगी बनी रहती है. सर्दियों के दौरान यहां करीब 1,000 लोग काम करते हैं, जबकि गर्मियों में यह संख्या बढ़कर लगभग 5,000 तक पहुंच जाती है. मौसम के अनुसार वैज्ञानिक अभियानों और रिसर्च गतिविधियों में तेजी आने पर अतिरिक्त कर्मचारियों की भी जरूरत पड़ती है. यही कारण है कि अलग-अलग समय पर विभिन्न पदों के लिए भर्ती की जाती है.
अंटार्कटिका में मौजूद रिसर्च स्टेशनों को सुचारु रूप से चलाने के लिए केवल वैज्ञानिकों की ही जरूरत नहीं होती. यहां प्लंबर, कुक, तकनीकी कर्मचारी, मेंटेनेंस स्टाफ और अन्य सहयोगी पदों पर भी लोगों की नियुक्ति की जाती है. भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों के रिसर्च स्टेशन समय-समय पर अपनी जरूरत के अनुसार इन पदों के लिए आवेदन आमंत्रित करते हैं.
अमेरिका की ओर से अंटार्कटिका में अनुसंधान कार्य का संचालन यूनाइटेड स्टेट्स अंटार्कटिक प्रोग्राम (USAP) के माध्यम से किया जाता है, जिसकी जिम्मेदारी नेशनल साइंस फाउंडेशन के पास है. यह कार्यक्रम हर साल लगभग 3,000 लोगों को वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े कार्यों के लिए अंटार्कटिका भेजता है. इसके अलावा रिसर्च स्टेशन और जहाजों के संचालन व रखरखाव के लिए भी कर्मचारियों की भर्ती की जाती है.
अंटार्कटिका में नौकरी हासिल करना सामान्य कार्यस्थल की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण माना जाता है. यहां चयनित होने वाले कर्मचारियों को अत्यधिक ठंड और कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार रहना पड़ता है. जिस देश का रिसर्च स्टेशन भर्ती करता है, उसी की आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार आवेदन स्वीकार किए जाते हैं. अमेरिका के मामले में संबंधित रिक्तियां USAP की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाती हैं.