देहरादून: रक्षाबंधन के मौके पर उत्तराखंड की धामी सरकार ने महिलाओं के लिए खास घोषणा की है. प्रदेश की महिलाएं 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में राज्य के भीतर निशुल्क सफर कर सकेंगी. सरकार ने दोनों दिनों के लिए किराया माफ करने का आदेश जारी किया है. परिवहन निगम को इस सुविधा को लागू करने के लिए जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का कहना है कि इस फैसले से त्योहार के दौरान महिलाओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा मिलेगी.
सरकार के आदेश के अनुसार, 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं से कोई किराया नहीं लिया जाएगा. यह सुविधा केवल प्रदेश के भीतर निगम की ओर से संचालित बसों में लागू होगी. यानी रक्षाबंधन के दौरान उत्तराखंड में एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने वाली महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में आर्थिक राहत मिलेगी.
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके और दूसरे रिश्तेदारों के घर जाती हैं. उत्तराखंड का भौगोलिक क्षेत्र पहाड़ी होने के कारण कई यात्राएं लंबी भी होती हैं. ऐसे में दो दिनों तक बस किराया नहीं लगने से महिलाओं का यात्रा खर्च कम होगा. त्योहार के बाद घर लौटने वाली महिलाओं को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा.
सरकार ने इस फैसले के पीछे महिलाओं को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने को भी अहम वजह बताया है. रक्षाबंधन के दौरान बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है. निशुल्क यात्रा की सुविधा से महिलाओं को अपने परिवार और मायके तक पहुंचने में सहूलियत होगी. खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर महिलाओं के लिए यह फैसला उपयोगी माना जा रहा है.
महिलाओं को निशुल्क यात्रा कराने से उत्तराखंड परिवहन निगम पर अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा. सरकार ने इस खर्च की प्रतिपूर्ति करने का फैसला किया है. यानी दो दिनों की मुफ्त यात्रा के कारण निगम को होने वाले अतिरिक्त व्यय की भरपाई राज्य सरकार करेगी. इससे निगम पर इस फैसले का सीधा आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा.
अपर सचिव उत्तराखंड शासन रीना जोशी की ओर से जारी आदेश में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था स्पष्ट की गई है. परिवहन विभाग ने उत्तराखंड परिवहन निगम को शासनादेश के अनुसार तत्काल जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. निगम को यह सुनिश्चित करना होगा कि 28 और 29 अगस्त को पात्र महिला यात्रियों से बस किराया न लिया जाए और उन्हें यात्रा के दौरान आवश्यक सुविधा उपलब्ध हो.
रक्षाबंधन पर यह फैसला महिलाओं के लिए आर्थिक राहत के साथ सामाजिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. त्योहार के दौरान परिवारों से मिलने के लिए यात्रा करने वाली महिलाओं को दो दिन तक बस किराया नहीं देना होगा. सरकार की इस पहल से खासकर उन महिलाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो आने-जाने के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों पर निर्भर रहती हैं.