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अमेरिका तक पहुंचा पंजाब का उगाही कांड, पूर्व SHO नागरा गिरफ्तार; 16 लाख वसूली के मिले सबूत

पंजाब पुलिस ने पूर्व एसएचओ और सस्पेंड इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को उगाही और भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया है. जांच में पीड़ित परिवार से 16 लाख रुपये की अवैध वसूली के सबूत मिलने का दावा किया गया है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
अमेरिका तक पहुंचा पंजाब का उगाही कांड, पूर्व SHO नागरा गिरफ्तार; 16 लाख वसूली के मिले सबूत
Courtesy: Pinterest

पंजाब पुलिस ने टांडा पुलिस स्टेशन के पूर्व एसएचओ और सस्पेंड इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. उन पर जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और अपने पद का दुरुपयोग करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को दसूहा अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. इस मामले की जांच पहले से ही विशेष निगरानी में चल रही थी.

उगाही के आरोप में हुई गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार गुरिंदरजीत सिंह नागरा पर एक भारतीय मूल के परिवार को धमकाकर बड़ी रकम वसूलने का आरोप है. यह मामला उस समय और गंभीर हो गया जब अमेरिका के न्याय विभाग ने भी नागरा का नाम एक अंतरराष्ट्रीय उगाही नेटवर्क से जोड़ा. जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी.

हत्या के मामले का उठाया गया कथित फायदा

यह पूरा मामला मियानी गांव में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बलविंदर सिंह की हत्या के बाद सामने आया. आरोप है कि पीड़ित परिवार की जानकारी अपराधियों के जरिए नागरा तक पहुंची. इसके बाद परिवार को हत्या के मामले में फंसाने की धमकी देकर 4 लाख डॉलर की मांग की गई. जांच में यह भी सामने आया कि परिवार से 16 लाख रुपये कथित रूप से अवैध तरीके से वसूले गए.

अमेरिका भी कर रहा है कार्रवाई की तैयारी

अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि गुरिंदरजीत नागरा के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है. वहां उन पर उगाही की साजिश और विदेशी व्यापार में बाधा पहुंचाने जैसे आरोपों में मुकदमा चलाने की योजना है. इस कारण मामला अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में है.

जांच में मिले अहम सबूत

जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि आरोप सामने आने के बाद नागरा को तत्काल एसएचओ पद से हटा दिया गया था. निष्पक्ष जांच के लिए एक अन्य जिले में तैनात आईपीएस अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई. जांच के दौरान पीड़ित परिवार से अवैध वसूली और 16 लाख रुपये लेने से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है.

भ्रष्टाचार और उगाही की धाराएं जोड़ी गईं

पुलिस ने हत्या के पहले से दर्ज मामले में गुरिंदरजीत नागरा को भी आरोपी बनाया है. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 के साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 के तहत भी कार्यवाही की जा रही है. आरोपी अधिकारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और विभागीय जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है.