केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते बढ़ोतरी के ऐलान का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि अभी तक सरकार ने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. माना जा रहा है कि जून के महंगाई आंकड़े आने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
महंगाई भत्ते में संशोधन का आधार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स होता है. फिलहाल जून 2026 के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं हुए हैं. इसी वजह से केंद्र सरकार ने अभी तक नए DA पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि जून का इंडेक्स सामने आने के बाद ही सरकार महंगाई भत्ते की नई दर तय करेगी. इसलिए जुलाई में घोषणा नहीं होने का मुख्य कारण आवश्यक आर्थिक आंकड़ों का इंतजार माना जा रहा है.
मार्च, अप्रैल और मई 2026 के AICPI-IW आंकड़ों को देखते हुए इस बार महंगाई भत्ते में 3% से 4% तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. मार्च में इंडेक्स 149.1, अप्रैल में 149.9 और मई में 150.8 दर्ज किया गया था. अनुमान है कि जून का आंकड़ा 151.7 के आसपास रह सकता है. हालांकि अंतिम प्रतिशत का फैसला सरकार की मंजूरी और आधिकारिक डेटा जारी होने के बाद ही होगा.
अगर जुलाई में DA बढ़ोतरी की घोषणा नहीं होती है, तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ सकता. पिछले वर्षों की तरह इस बार भी सरकार त्योहारी सीजन के दौरान यानी अक्टूबर या नवंबर में महंगाई भत्ते का ऐलान कर सकती है. चूंकि इस वर्ष दिवाली नवंबर में है, इसलिए संभावना जताई जा रही है कि सरकार इसे त्योहारी तोहफे के रूप में पेश कर सकती है.
महंगाई भत्ते में संभावित बढ़ोतरी का लाभ करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनर्स को मिलेगा. इसमें रेलवे, रक्षा, डाक, केंद्रीय मंत्रालयों और अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं. DA बढ़ने से केवल मासिक वेतन ही नहीं बढ़ता, बल्कि भविष्य निधि (PF), ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य भत्तों पर भी सकारात्मक असर पड़ता है. फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 60% महंगाई भत्ता मिल रहा है, जिसे जनवरी 2026 से लागू किया गया था.