कैलास मानसरोवर यात्रा का सपना हर भारतीय देखते हैं. खासतौर पर इस पर्वत से हिंदू धर्म के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है, लेकिन विभिन्न परिस्थितियों की वजह से यहां ज्यादा संख्या में लोग नहीं पहुंच पाते हैं. लेकिन उत्तराखंड द्वारा भारतीय सीमा से ही ओल्ड लिपू से कैलास पर्वत के दर्शन किसी सौभाग्य से कम नहीं हैं.
भारतीय सीमा के भीतर स्थित इस स्थल से श्रद्धालु दूर से ही कैलास पर्वत के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर आध्यात्मिक संतोष प्राप्त कर रहे हैं. देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि भारतीय भूमि से कैलास पर्वत के दर्शन करना उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव है. हालांकि फिलहाल केवल सीमित संख्या में लोगों को ही ओल्ड लिपू जाने की अनुमति मिल रही है, जिससे कई श्रद्धालु इस अवसर से वंचित रह जा रहे हैं.
ओल्ड लिपू से कैलास पर्वत के दर्शन की व्यवस्था पिछले वर्ष शुरू की गई थी. पहले ही साल में हजारों श्रद्धालुओं ने इस सुविधा का लाभ उठाया और बिना अंतरराष्ट्रीय सीमा पार किए कैलास पर्वत के दर्शन कर अपनी धार्मिक भावना को संतुष्ट किया. इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी उद्देश्य से सीमांत क्षेत्र पहुंच रहे हैं. यात्रा के प्रति लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु ओल्ड लिपू पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं.
ओल्ड लिपू समुद्र तल से लगभग 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है. यहां तक पहुंचने के लिए यात्रियों को करीब डेढ़ किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है. ऊंचाई अधिक होने के कारण यहां ऑक्सीजन का स्तर अपेक्षाकृत कम रहता है, जबकि तेज हवाएं भी यात्रियों के लिए चुनौती बनती हैं. इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और संबंधित एजेंसियां केवल उन्हीं यात्रियों को अनुमति देती हैं, जिनकी शारीरिक स्थिति इस कठिन मार्ग के अनुरूप मानी जाती है. सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के कारण प्रतिदिन सीमित संख्या में ही लोगों को आगे जाने की अनुमति दी जा रही है. जिन श्रद्धालुओं को ओल्ड लिपू तक पहुंचने का अवसर मिला, उन्होंने इस अनुभव को जीवन का सबसे यादगार आध्यात्मिक क्षण बताया.