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उत्तराखंड में बारिश का कहर! 10 जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. भूस्खलन से 107 सड़कें बंद हो गई हैं. 10 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है. मौसम विभाग ने कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और गैर जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है.

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Edited By: Babli Rautela
उत्तराखंड में बारिश का कहर! 10 जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
Courtesy: AI

उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही भारी बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदान तक लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई जिलों में भूस्खलन और जलभराव की वजह से सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है. पर्वतीय इलाकों में सड़कें मलबे से बंद हो गई हैं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में कई जगह बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्य जारी हैं.

10 जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर देहरादून, पौड़ी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और बागेश्वर में 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है. प्रशासन ने अभिभावकों से भी बच्चों को घर के अंदर सुरक्षित रखने की अपील की है.

काशीपुर और रुड़की में सबसे ज्यादा असर

भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर ऊधमसिंह नगर के काशीपुर और हरिद्वार जिले के रुड़की में देखने को मिला. शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी सड़कों और कॉलोनियों में पानी भर गया. कई स्थानों पर लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुसने की खबरें सामने आई हैं. काशीपुर में चौबीस घंटे के दौरान 206 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि की सबसे अधिक वर्षा रही.

107 सड़कें बंद

लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में कुल 107 संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं. चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे पर भनेरपानी के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग कई घंटे तक बंद रहा. कर्णप्रयाग और पिंडर घाटी क्षेत्र में कई मोटर मार्ग और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं. गढ़वाल मंडल में भी कई प्रमुख सड़कें बार बार भूस्खलन की चपेट में आ रही हैं. वहीं कुमाऊं क्षेत्र में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर चट्टानें गिरने से आवाजाही प्रभावित हुई है. इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

नैनीताल झील का बढ़ा जलस्तर

लगातार बारिश के कारण नैनीताल झील का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने झील में नौकायन पर रोक लगा दी है. इसके अलावा कई अन्य जलाशयों और नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिस पर प्रशासन की नजर बनी हुई है. बारिश के चलते अलकनंदा, गंगा, पिंडर, काली, सरयू और गौरी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं. इसके बावजूद नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.