हरियाणवी गायक मासूम शर्मा एक बार फिर उत्तराखंड में विवाद को लेकर चर्चा में हैं. उनके प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले सोशल मीडिया पर विरोध के सुर उठने लगे हैं. इस साल अप्रैल में देहरादून के DAV पीजी कॉलेज में प्रस्तुति के दौरान कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था.
यह मामला 11 अप्रैल 2026 का है, जब देहरादून के DAV पीजी कॉलेज में छात्रसंघ समारोह के दौरान मासूम शर्मा ने प्रस्तुति दी थी. कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आने के बाद उनकी भाषा को लेकर विवाद बढ़ गया. छात्र प्रतिनिधि की शिकायत पर डालनवाला पुलिस ने केस दर्ज किया था. पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 और 352 समेत अन्य धाराएं लगाई गई थीं. आरोप था कि छात्रों और अन्य लोगों की मौजूदगी में मंच से आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया.
वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद देहरादून में विरोध भी हुआ था. सुराज सेवा दल ने घंटाघर पर प्रदर्शन कर पुलिस को ज्ञापन दिया और कार्रवाई की मांग की थी. इस मामले में पुलिस ने मासूम शर्मा को नोटिस भी भेजा था. विवाद बढ़ने पर गायक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा था कि एक संदिग्ध व्यक्ति उन्हें परेशान कर रहा था और उसका तनाव मंच पर नजर आया. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगते हैं.
अब 1 अक्टूबर को उत्तराखंड में उनके प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर फिर विरोध की चर्चा है. विरोध करने वालों का कहना है कि अप्रैल में हुए विवाद के बाद आयोजकों को दोबारा उन्हें बुलाने के फैसले पर विचार करना चाहिए था. आयोजक के तौर पर महिमा वर्मा का नाम सामने आने के बाद उनके फैसले पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि राज्य के स्थानीय कलाकारों को भी ऐसे कार्यक्रमों में अधिक मौके मिलने चाहिए. हालांकि, प्रस्तावित कार्यक्रम और विरोध को लेकर आयोजकों की ओर से अंतिम स्थिति स्पष्ट होना बाकी है.