E-Waste Recycling News: घर में पड़े पुराने मोबाइल, खराब चार्जर, केबल, कैलकुलेटर या कीबोर्ड को अब कबाड़ में बेचने के बजाय स्कूल के जरिए सुरक्षित तरीके से रिसाइकिल किया जा सकेगा. स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत सरकारी स्कूलों में ई-कचरा जमा करने के लिए विशेष कलेक्शन प्वाइंट बनाए जाएंगे. इस अभियान का उद्देश्य बच्चों और उनके परिवारों को ई-कचरे के सुरक्षित निपटान के बारे में जागरूक करना और पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को सही तरीके से रिसाइकिलिंग सिस्टम से जोड़ना है.
केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय और पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से यह विशेष अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलाया जाएगा. अभियान के दौरान सरकारी स्कूलों में पुराने और अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान को इकट्ठा किया जाएगा. स्टूडेंट अपने घर में रखे पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान की पहचान कर सकेंगे और अभिभावकों की सहमति से उसे स्कूल में जमा करा सकेंगे.
अभियान के तहत प्रत्येक स्कूल में एक अलग ई-वेस्ट कलेक्शन सेंटर बनाया जाएगा. यहां जमा किए गए इलेक्ट्रॉनिक सामान को सुरक्षित और सूखे कंटेनर में रखा जाएगा. पुराने मोबाइल, चार्जर, USB केबल, कैलकुलेटर, कीबोर्ड और दूसरे अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान को यहां जमा किया जा सकेगा. इसके बाद स्कूल प्रशासन इसे अधिकृत रिसाइक्लर तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगा.
अभियान केवल ई-कचरा जमा करने तक सीमित नहीं रहेगा. स्कूलों में स्टूडेंट और शिक्षकों के लिए जागरूकता और ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों में बच्चों को बताया जाएगा कि गलत तरीके से इलेक्ट्रॉनिक कचरा फेंकने से पर्यावरण को नुकसान हो सकता है और इसे सुरक्षित तरीके से रिसाइकिल करना क्यों जरूरी है. इसके अलावा ई-वेस्ट आर्ट, पोस्टर मेकिंग और निबंध प्रतियोगिताओं के जरिए भी बच्चों को अभियान से जोड़ा जाएगा.
अभियान के दौरान स्कूल ईको क्लब के कोऑर्डिनेटर को कई महत्वपूर्ण जानकारियां पोर्टल पर दर्ज करनी होंगी. इनमें अभियान में शामिल स्टूडेंट की संख्या, आयोजित वर्कशॉप और जमा किए गए ई-कचरे का वजन शामिल होगा. जिला शिक्षा अधिकारी स्कूलों की मैपिंग अधिकृत रिसाइक्लर्स या प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी ऑर्गेनाइजेशन (PROs) के साथ कराएंगे. तय समय पर ये एजेंसियां स्कूलों या क्लस्टर हब से ई-कचरा उठाएंगी.
स्कूलों में लंबे समय से पड़े खराब कंप्यूटर, टीवी, DVD प्लेयर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान का भी नियमों के अनुसार निपटान किया जाएगा. जहां नए कंप्यूटर उपलब्ध कराए जा चुके हैं या उपलब्ध कराए जा रहे हैं, वहां पुराने अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान की नीलामी की जा सकती है. इससे मिलने वाली राशि सरकारी नियमों के अनुसार राज्य के खजाने में जमा होगी.
स्कूल प्रशासन ई-कचरे को किसी स्थानीय अनधिकृत कबाड़ी या स्क्रैप डीलर को नहीं बेच सकेगा. इसका निपटान केवल CPCB या SPCB से अधिकृत रिसाइक्लर्स के जरिए किया जाएगा. इस पहल से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ घरों में जमा पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को सुरक्षित रिसाइक्लिंग सिस्टम तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है.