हरिद्वार: कुंभ मेला 2027 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं. उत्तराखंड सरकार ने करोड़ों श्रद्धालुओं और संतों-महात्माओं के लिए शुद्ध पेयजल की व्यापक व्यवस्था करने का फैसला किया है. इस काम पर करीब 27.67 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. कुंभ के दौरान हरिद्वार में 24 घंटे बिना रुकावट शुद्ध और ठंडा पानी उपलब्ध रहेगा.
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार कुंभ को यादगार बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. पेयजल निगम के अनुसार, हरिद्वार, चिल्ला, कनखल, ज्वालापुर, बहादराबाद समेत कुल 11 सेक्टरों में पानी की व्यवस्था की जाएगी. इन क्षेत्रों में अस्थायी पाइप लाइन बिछाई जाएगी. स्टैंड पोस्ट, पीवीसी टैंक और पानी के फिल्टर भी लगाए जाएंगे.
अखाड़ों की छावनियों, शिविरों, हरकी पैड़ी, प्रमुख मंदिरों और पार्किंग स्थलों पर भी पर्याप्त पानी पहुंचाया जाएगा. पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता राजेश गुप्ता ने बताया कि कुंभ क्षेत्र में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. कुंभ शुरू होने से पहले सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 24 घंटे निर्बाध पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी.
बैरागी कैंप और गौरी शंकर सेक्टर में सबसे ज्यादा 8.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. सती द्वीप और नया टापू सेक्टर के लिए 3.22 करोड़ रुपये रखे गए हैं. बहादराबाद, ज्वालापुर और कनखल सेक्टर के लिए 3.10 करोड़ रुपये आवंटित हैं. पंतद्वीप, कांगड़ी, लालजीवाला और भीमगोड़ा सेक्टर में 2.5 करोड़ रुपये से काम होगा. सप्तसरोवर, भूपतवाला और मोतीचूर सेक्टर के लिए 2 करोड़ रुपये, दक्षद्वीप सेक्टर के लिए 1.80 करोड़ रुपये, जबकि हरिद्वार, मायापुर, मनसा देवी और हरकी पैड़ी सेक्टर में 1.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
नीलाधारा, चंडी द्वीप, चिल्ला और रानीपुर सेक्टर में 1.75 करोड़ रुपये तथा रोडीबेलवाला सेक्टर में 1.30 करोड़ रुपये से पानी की व्यवस्था की जाएगी. सरकार का प्रयास है कि कुंभ 2027 पूरी तरह सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित हो. शुद्ध पेयजल की यह व्यवस्था लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी.