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India Daily

फिलीपींस के स्कूल में गोलीबारी में 3 छात्रों की मौत, 5 घायल; दो संदिग्ध गिरफ्तार

फिलीपींस के टैकलोबान सिटी स्थित सैन जोस नेशनल हाई स्कूल में हुई गोलीबारी में तीन छात्रों की मौत और पांच अन्य घायल हो गए. पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
फिलीपींस के स्कूल में गोलीबारी में 3 छात्रों की मौत, 5 घायल; दो संदिग्ध गिरफ्तार
Courtesy: Pinterest (Representative image)

नई दिल्ली: फिलीपींस में सोमवार को एक दर्दनाक स्कूल शूटिंग की घटना सामने आई, जिसमें तीन छात्रों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए. यह घटना सैन होजे नेशनल हाई स्कूल में हुई, जहां दो हथियारबंद लोगों ने कथित तौर पर स्कूल परिसर के भीतर गोलीबारी कर दी.

घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. गोली चलने की आवाज सुनते ही छात्र और शिक्षक अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. स्कूल में 1,500 से अधिक छात्र पढ़ते हैं और घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.

पुलिस ने क्या लिया एक्शन?

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो पुरुष संदिग्धों को हिरासत में ले लिया. अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक उसी स्कूल का छात्र है, जहां यह गोलीबारी हुई.

जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए जाने वाले पिस्तौल भी बरामद किए हैं. हालांकि अधिकारियों ने अभी तक दोनों संदिग्धों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है.

अधिकारियों का क्या है कहना?

घटना के बाद आपातकालीन सेवाओं की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. पुलिस ने पूरे स्कूल परिसर को घेर लिया और विस्तृत जांच शुरू कर दी.

अधिकारियों का कहना है कि अभी हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है. जांच टीम सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है.

क्या था हमले का मकसद?

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोलीबारी किसी व्यक्तिगत विवाद का परिणाम थी, पहले से योजनाबद्ध हिंसक घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था. घटना के बाद स्कूल और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अपुष्ट जानकारी साझा न करने की अपील की है.

फिलीपींस में अवैध हथियारों की उपलब्धता के कारण बंदूक से जुड़े अपराध समय-समय पर सामने आते रहते हैं, लेकिन स्कूल परिसरों के भीतर इस तरह की घटनाएं अपेक्षाकृत कम होती हैं. इस घटना के बाद एक बार फिर स्कूलों की सुरक्षा और हथियारों तक पहुंच को लेकर बहस तेज हो गई है.