पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हाल ही में एक खुशी भरी खबर साझा की है, जिसने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है. उन्होंने बताया कि दिरबा विधानसभा क्षेत्र के छाहर गांव में कई दशकों के बाद खेतों तक नहर का पानी पहुंचा है. यह किसानों के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है.
बता दें कि पहले यहां के किसानों को सिंचाई के लिए मोटर और ट्यूबवेल पर काफी ज्यादा निर्भर रहना पड़ता था. इससे बिजली का खर्च बढ़ता था और खेती की लागत भी ज्यादा आती थी. लेकिन अब नहर का पानी सीधे खेतों तक पहुंचने लगा है, जिससे किसानों की कई बड़ी समस्याएं हल हो गई हैं.
ਦਿੜ੍ਹਬਾ ਹਲਕੇ ਦੇ ਪਿੰਡ ਛਾਹੜ ਵਿੱਚ ਦਹਾਕਿਆਂ ਬਾਅਦ ਖ਼ੇਤਾਂ ਤੱਕ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਪਹੁੰਚਣਾ ਕਿਸਾਨਾਂ ਲਈ ਕਿਸੇ ਸੁਪਨੇ ਦੇ ਸੱਚ ਹੋਣ ਤੋਂ ਘੱਟ ਨਹੀਂ. ਆਪਣੇ ਖ਼ੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਵਗਦਾ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਵੇਖ ਕੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚ ਖ਼ੁਸ਼ੀ ਅਤੇ ਜਜ਼ਬਾਤ ਦੋਵੇਂ ਸਾਫ਼ ਨਜ਼ਰ ਆ ਰਹੇ ਹਨ.
ਹੁਣ ਮੋਟਰਾਂ 'ਤੇ ਨਿਰਭਰਤਾ ਘਟੇਗੀ, ਸਿੰਜਾਈ ਆਸਾਨ ਹੋਵੇਗੀ… pic.twitter.com/60LfGwkXSq— Adv Harpal Singh Cheema (@HarpalCheemaMLA) June 22, 2026Also Read
जब किसानों ने अपने खेतों में नहर का पानी बहते देखा, तो उनकी खुशी साफ नजर आई. कई किसानों की आंखों में भावुकता भी दिखी, क्योंकि वे लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे. अब उन्हें बार-बार मोटर चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे बिजली की बचत होगी और मेहनत भी कम लगेगी. इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि खेती करना आसान और सस्ता हो जाएगा. पानी की सही समय पर उपलब्धता से फसल भी अच्छी होगी और उत्पादन बढ़ेगा. इससे किसानों की आमदनी में भी सुधार आने की उम्मीद है.
किसानों ने इस पहल के लिए सरकार का दिल से धन्यवाद किया है. उनका कहना है कि यह कदम सीधे तौर पर किसानों के हित में है और इससे गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. नहर का पानी खेतों तक पहुंचना सिर्फ एक सुविधा नहीं बल्कि किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया है. इससे खेती में खर्च कम होगा, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनने में मदद मिलेगी.