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India Daily

देहरादून में छाया धुंध...मार्च में पहली बार AQI 300 पार, लोग पड़ रहे बीमार; जानें कितना है तापमान

देहरादून में मौसम के बदलाव के कारण AQI 300 के पार पहुंच गया है, जिससे हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है. धुंध, हवा की कम गति, जंगलों की आग और कूड़ा जलाना प्रदूषण बढ़ने की मुख्य वजह बताए जा रहे हैं.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
देहरादून में छाया धुंध...मार्च में पहली बार AQI 300 पार, लोग पड़ रहे बीमार; जानें कितना है तापमान
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: मौसम के बदलते मिजाज ने देहरादून में हवा की क्वालिटी खराब कर दी है. 2022 के बाद पहली बार मार्च के पहले हफ्ते में शहर का AQI 300 के पार चला गया, जिससे लोग प्रदूषण से परेशान हैं. पिछले तीन-चार दिनों से कोहरा और हवा की कम स्पीड को इसकी मुख्य वजह बताया जा रहा है. दिन में 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने वाली गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड की वजह से लोगों को वायरल इंफेक्शन, सर्दी, खांसी और डायरिया हो रहा है. 

मौसम के इस बदले मिजाज के बीच ऊंचाई वाले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. अगले कुछ दिनों में राज्य के पांच पहाड़ी जिलों में बारिश और बर्फबारी की उम्मीद है. दून यूनिवर्सिटी में लगे रियल-टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम के डेटा के मुताबिक, शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सोमवार शाम को AQI 300 के पार चला गया, जो खराब कैटेगरी में आ गया. 

एक्सपर्ट्स ने क्या बताया?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक नमी और हवा की कम स्पीड की वजह से एटमॉस्फियर में पॉल्यूटेंट जमा हो गए हैं. इससे कई इलाकों में धुंध जैसी हालत हो गई है. उनका मानना ​​है कि रुकी हुई हवा और तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से प्रदूषण बढ़ रहा है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को दिक्कत हो सकती है. 

पिछले सालों के मुकाबले इस साल मार्च में प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ पहली बार एक नया ट्रेंड भी सामने आया है. इस साल एटमॉस्फियर में PM 2.5 पार्टिकल्स ज्यादा हैं, जो बहुत छोटे होते हैं और सांस के साथ अंदर जाने पर ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं. पिछले सालों में PM 10 या बड़े कण सबसे ज्यादा थे, जिससे कम नुकसान होता था.

क्या है इसकी वजह?

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना ​​है कि दून के आस-पास के इलाकों में जंगल की आग से निकलने वाला धुआं भी एटमॉस्फियर में फैल रहा है और हवा को पॉल्यूट कर रहा है. इसके अलावा होली के बाद शहर में कचरा जलाने की शिकायतें भी पॉल्यूशन बढ़ाने में मदद कर रही हैं.

उत्तराखंड में मौसम के बदले मिजाज के बीच मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है. अगले कुछ दिनों में राज्य के पांच पहाड़ी जिलों में बारिश और बर्फबारी की उम्मीद है, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा. मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है.