उत्तराखंड में विकास की रफ्तार अब और तेज होने जा रही है. राज्य में चल रहे करीब 10000 करोड़ रुपये के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है. इन परियोजनाओं में सबसे ज्यादा चर्चा सहारनपुर हरिद्वार एक्सप्रेसवे को लेकर हो रही है, जो आने वाले समय में सफर को पूरी तरह बदल देगा.
राज्य सरकार ने निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी बड़े प्रोजेक्ट तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं. लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कई परियोजनाएं पहले ही 70 से 80 फीसदी तक पूरी हो चुकी हैं. अब इन्हें इसी साल नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस फैसले के पीछे मकसद यह है कि जनता को जल्द से जल्द बेहतर सड़क और परिवहन सुविधाएं मिल सकें.
सहारनपुर हरिद्वार एक्सप्रेसवे इस पूरे प्लान का सबसे अहम हिस्सा है. यह करीब 50 किलोमीटर लंबा 6 लेन ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसकी लागत लगभग 1475 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यह एक्सप्रेसवे सहारनपुर के पास हलगोया से शुरू होकर रुड़की को बाईपास करते हुए हरिद्वार के बहादराबाद तक जाएगा. इसके बनने के बाद दिल्ली, हरिद्वार और देहरादून के बीच यात्रा पहले से कहीं ज्यादा तेज और आरामदायक हो जाएगी.
इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ेगा. इससे राजधानी दिल्ली से उत्तराखंड के प्रमुख शहरों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा. सिडकुल इंडस्ट्रियल एरिया, रुड़की और भगवानपुर जैसे क्षेत्रों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा. इससे न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा बल्कि व्यापार को भी नई गति मिलेगी.
राज्य में सिर्फ यही नहीं बल्कि कई दूसरी परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है. इनमें पौंटा से बल्लूपुर फोर लेन हाइवे, हरिद्वार, रुद्रपुर और काशीपुर बाईपास और जोशीमठ मलारी सड़क शामिल हैं. इन सभी परियोजनाओं को भी नवंबर से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि अगर तय समय पर काम पूरा होता है तो उत्तराखंड की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद आम लोगों को सीधा फायदा मिलेगा. लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी और समय की बचत होगी. पर्यटन के लिहाज से भी यह बेहद अहम साबित होगा. हरिद्वार और आसपास के धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है.